परेशान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी
भवन निर्माण द्वारा जुर्माना लगए जाने पर पूर्व मंत्रियों ने सीएम नीतीश कुमार, बिहार भवन निर्माण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी और बिहार विधानसभा सचिवालय को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में जुर्माने को ‘अनुचित’ बताया है और छूट के लिए निवेदन किया. नीतीश कुमार के एनडीए से निकल कर आरजेडी के साथ मिल कर प्रदेश में महागठबंधन की गवर्नमेंट बनाने के बाद भाजपा के मंत्रियों को बंगला खाली करने के लिए बोला गया था. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री रह चुके आलोक रंजन ने कहा, ‘मुझ पर जो 1. 67 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है, वह एकदम अनुचित है. मुझे भवन निर्माण विभाग ने नवंबर 2022 में मंत्री बंगला (33, हार्डिंग रोड) खाली करने के लिए बोला था. लेकिन मुझे विधायक के लिए कोई वैकल्पिक घर मौजूद नहीं कराया और मैंने इस संबंध में विभाग को सूचित भी किया था.’
उन्होंने बताया, ‘जैसे ही मुझे विभाग की ओर से एक नया घर प्रदान किया गया, मैंने तुरंत मंत्री बंगला खाली कर दिया. मेरी ओर से बिना किसी गलती के कुछ दिनों तक मंत्री के बंगले में रहने के लिए जुर्माना अनुचित है. मैंने सीएम और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी से जुर्माना माफ करने का निवेदन किया है.’ इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए बीजेपी नेता रामसूरत राय ने कहा, ‘मुझ पर जो जुर्माना (90928 रुपये) लगाया गया है वह पूरी तरह से अनुचित है. जो वैकल्पिक घर मुझे मौजूद कराया गया था वह ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं था. इसलिए मुझे मंत्री बंगले (39, हार्डिंग रोड) में ही कुछ दिनों के लिए रहना पड़ा जो मुझे आवंटित किया गया था. मुझ पर या अन्य पूर्व मंत्रियों (भाजपा के) पर लगाया गया जुर्माना माफ किया जाना चाहिए.
मामले को सुलझाने का विकल्प तलाश रहे-भवन निर्माण मंत्री
भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी से जब इस संबंध में प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे इस संबंध में आलोक रंजन समेत बीजेपी नेताओं एवं पूर्व मंत्रियों से पत्र मिला है, हम मुद्दे को देख रहे हैं और इसे सुलझाने का विकल्प तलाश रहे हैं. पहले मैं इस मुद्दे में विभाग के वरिष्ठ ऑफिसरों से चर्चा कर लूं, इस मामले पर अन्य संबंधित विभागों के साथ भी चर्चा की जाएगी.’ (इनपुट-भाषा)