Delhi Flood: दिल्ली में यमुना नदी का जल स्तर सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बुधवार दोपहर 1 बजे अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली की बाढ़ को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से खत लिखकर एक साथ काम करने की अपील की। केजरीवाल ने अमित शाह से दिल्ली की संकटग्रस्त स्थिति में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से निचले इलाकों में अपने घर खाली करने का निवेदन करते हुए बोला कि राष्ट्र की राजधानी में बाढ़ की समाचार से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
कई दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार शाम को दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गई। बुधवार शाम 4 बजे तक नदी 207.71 मीटर के उच्चतम स्तर पर बह रही थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में, केजरीवाल ने निवेदन किया कि “यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी सीमित गति में छोड़ा जाए” और बताया कि दिल्ली कुछ हफ्तों में जी -20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
भारी बारिश के बीच बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने दिल्ली में एक राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने कहा, “पिछले नौ सालों में, उन्होंने (दिल्ली में आप सरकार) बुनियादी ढांचे पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया और सिर्फ निःशुल्क की राजनीति की।” उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली के लोग हमारी जिम्मेदारी हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री से प्रश्न किया जाना चाहिए कि उनकी गवर्नमेंट ने शहर के बुनियादी ढांचे पर कितना पैसा खर्च किया है। यह राजनीति करने का समय नहीं है।”
इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बारिश से निपटने में दिल्ली की “तैयारी की कमी” और नदी में सीवेज को साफ करने में विफलता का हवाला दिया था। उन्होंने बोला कि जलजमाव एक वार्षिक अनुष्ठान बन गया है। सीवेज की सफ़ाई नहीं की जाती और नालियों के पानी का समुचित निपटान नहीं किया जाता। सालों से इन सभी उपेक्षित कार्यों के कारण जलजमाव होता है। इसके उत्तर में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘दिल्लीवासियों की सहायता करें, गंदी राजनीति न करें।’
दिल्ली के बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बोला कि केजरीवाल का यह बोलना कि आईएमडी की चेतावनी के बावजूद शहर बारिश के इतने स्तर के लिए “तैयार नहीं” था, उनकी अक्षमता का प्रमाण है। इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया था कि दिल्ली की जल निकासी प्रणाली बारिश के इस स्तर को संभालने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई है। केजरीवाल ने यह भी दोहराया कि यह समय एक-दूसरे पर उंगली उठाने का नहीं है, बल्कि सभी बारिश प्रभावित राज्यों की सरकारों को मिलकर काम करने और स्थिति पर काबू पाने का है।
सचदेवा और विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी आम आदमी पार्टी मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और गवर्नमेंट और दिल्ली नगर निगम पर मानसून से पहले नालों की सफाई और सफाई में करप्शन का आरोप लगाया। दिल्ली की मंत्री आतिशी ने बोला कि अब तक हजारों लोगों को निकाला जा चुका है। उन्होंने कहा, “स्थिति का आकलन करने के बाद ऐसा लगता है कि यह (यमुना नदी में बाढ़ जैसी स्थिति) कुछ समय तक जारी रह सकती है, जिसके लिए हम आवश्यक प्रबंध कर रहे हैं।”