299
राष्ट्र में स्मार्ट सिटी परियोजना काफी तेज रफ्तार से चल रही है. इसी कड़ी में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा ऐलान किया है. हरदीप पुरी ने कहा कि 100 स्मार्ट शहरों में से 80 को पहले ही अपना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मिल गया है. करीब दो लाख करोड़ रुपये की सभी परियोजनाओं के टेंडर हो चुके हैं. लगभग 63,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें शेष 20 शहरों में 15 अगस्त, 2022 तक काम पूरा करना है. ![]()
हरदीप पुरी ने कहा कि अगला कदम 100 स्मार्ट शहरों को एक आंदोलन में ले जाना है. गुजरात स्मार्ट शहर में अधिकतर शहरी बुनियादी ढांचे के मामले में बहुत अच्छी तरह से रखा गया है. पुरी ने केंद्र गवर्नमेंट के आजादी का अमृत महोत्सव के अनुसार सूरत स्मार्ट सिटी निगम विकास लिमिटेड के योगदान से केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘स्मार्ट सिटीज स्मार्ट अर्बनाइजेशन’ सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन (एससीएम) में लगभग सभी गवर्नमेंटी परियोजनाओं में कार्य शुरू हो गया है और एससीएम के अनुसार परियोजनाएं अगले वर्ष तक पूरी होंगी.
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह भी बताया कि एक प्रणाली के रूप में मेट्रो काफी महंगी है. यह उन शहरों के लिए सही है जहां जनसंख्या घनत्व अधिक है और जहां समय-समय पर आवाजाही की आवश्यकता है. मुझे लगता है गुजरात के शेष शहरों के लिए मेट्रो लाइट या नियो एक बेहतर विकल्प है.