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एन। चंद्रबाबू नायडू जिनका पूरा नाम नारा चंद्रबाबू नायडू है. वह आन्ध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं. वह आन्ध्र प्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री भी रहे है. नायडू का जन्म तिरुपति के पास एक छोटे से गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. नायडू भाई बहनों में सबसे बड़े है और इनकी दो छोटी बहनें और एक छोटा भाई है .इनके माता पिता का नाम ऋणूरा और अम्मानम्मा था.उन्होंने तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ आर्ट्स में अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान राजनीति में आरंभ की. नायडू हिंदुस्तानीय देशीय कांग्रेस पार्टी (कांग्रेस पार्टी) में शामिल हुए और 1975 से 77 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए इमरजेंसी शासन की अवधि के दौरान, उन्होंने पार्टी के जगहीय युवा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. बाद में उन्होंने राजनीति में अपना करियर बनाने के लिए मास्टर्स की पढ़ाई के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ दी.![]()
नायडू इंदिरा के सबसे बड़े बेटे संजय गांधी के विश्वासमाजवादी पार्टीत्र बन गए और 1978 में वे आंध्र प्रदेश राज्य विधानसभा में एक सीट के लिए चुने गए. पद पर रहते हुए वह राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री (1980-83) भी थे. उस अवधि के दौरान उन्होंने नंदामुरी तारक रामा राव (एनटीआर) की बेटी से शादी की, जो ऑयलुगु भाषा की फिल्मों के सुपरस्टार और टीडीपी के संस्थापक थे और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार सेवा भी की थी. वर्ष 1995 में नायडू ने 1 सिंतबर को रातों-रात आंध्र प्रदेश का तख्तापलट कर दिया और स्वयं मुख्यमंत्री चुने गए. उन्होंने यह पद अपने ससुर को हटाकर हासिल की.
1 अक्टूबर 2003 आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू अपने मंत्रिमंडल योगदानी बी गोपालकृष्णन रेड्डी और दो विधायकों के साथ तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर जा रहे थे और इसी दौरान नायडू पर माओवादियों ने उनके काफिले पर बम से हमला कर दिया था, नायजू इस बम विस्फोट में बाल-बाल बच गए थे लेकिन इस हमले में उनकी कॉलरबोन की दो हड्डियां टूट गई थी. इस मामले में पुलिस ने 33 लोगों को आरोप बनाया जिसमें से 4 लोगों को अरैस्ट किया गया था. 2019 के आम चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद, उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पद छोड़ दिया. एक किसान परिवार में जन्में चंद्रबाबू नायडू ीक छवि एक पॉपलर लीडर की तरह रही. दुनिया के सामने स्वयं को कए हाईटेक और साइबर सेवी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया. उस दौरान नायडू की दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत में शुमार माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के मालिक बिल गेट्स तक उनकी पहुंच रही. इसी कारण से वाजपेयी की गवर्नमेंट ने उन्हें सूचना तकनीक की टास्क फोर्स का प्रमुख बनाया. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोहरत कमा चुके नाडू को टाइम मैगजीन ने 1999 में उन्हें दक्षिण एशिया का प्रमुख व्यक्ति माना था.