पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतदान में रविवार पूर्वाह्न 11 बजे तक 17.73 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 117 विधानसभा सीट के लिए मतदान हो रहा है. मतदान प्रातः काल 8 बजे शुरुआत हुआ, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. इस चुनाव में 1,304 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 93 स्त्रीएं और दो ट्रांसजेंडर शामिल हैं. प्रदेश में 1,02,00,996 स्त्रीओं समेत 2,14,99,804 मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल कर सकेंगे. मतगणना 10
मार्च को होगी. वहीं, अमृतसर में पूर्वाह्न 9 बजे तक 4.14 फीसदी, बरनाला में 6.70 फीसदी, फतेहगढ़ साहिब में 6.94 फीसदी, फाजिल्का में 6.61 फीसदी, मलेरकोटला में 8.01 फीसदी और मुक्तसर में 6.21 फीसदी मतदान हुआ. मतदान केन्द्रों के बाहर प्रातः काल मतदाताओं की कतारें देखी जा सकती हैं. कई युवा पहली बार अपने मताधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
प्रदेश में प्रातः काल मतदान करने वालों में प्रदेश के मंत्री अमरिंरेट सिंह राजा वडिंग, मनप्रीत सिंह बादल, परगट सिंह और विजय इंरेट सिंगला, कांग्रेस पार्टी नेता प्रताप सिंह बाजवा और बीजेपी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अश्विनी लज्जाा शामिल थे. इनके अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार भगवंत मान ने मोहाली में मतदान किया. मान ने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की. पंजाब प्रदेश कांग्रेस पार्टी समिति के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ को अबोहर में मतदान केन्द्र पर मतदान के लिए पंक्तिबद्ध देखा गया. मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर मास्क और दस्ताने दिए गए तथा उनके हाथों को सैनेटाइज किया गया. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब में धार्मिक स्थलों पर प्रातः काल माथा टेका.
पंजाब में इस बार कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद)- बसपा (बसपा) गठबंधन, बीजेपी (भाजपा)- पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी(पीएलसी)-शिअद (संयुक्त) गठबंधन और विभिन्न किसान संगठनों की पॉलिटिक्सक इकाई ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ के बीच बहुकोणीय मुकाबला है. शिअद इस बार बसपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहा है, जबकि भाजपा ने इस चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह नीत पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी और सुखदेव सिंह ढींढसा नीत शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन किया है.
केन्द्र के कृषि कानूनों के विरूद्ध हुए किसान आंदोलन में शामिल पंजाब के कई किसान संगठन भी ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ (एसएसएम) बनाकर विधानसभा चुनाव में उतरे हैं और उन्होंने इसके लिए हरियाणा हिंदुस्तानीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी नीत संयुक्त संघर्ष पार्टी के साथ हाथ मिलाया है. मतदान के लिए प्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कुल 700 कंपनियां तैनात की गई हैं. प्रदेश में स्त्रीओं के लिए 196 गुलाबी मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जबकि 70 मतदान केन्द्रों का प्रबंधन दिव्यांगजन के हाथों में है.