इस्लामाबाद. पाकिस्तानिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को कहा कि मेरी कार्रवाई ने आज विपक्ष को चौंका दिया. यदि मैंने इस आश्चर्य के बारे में खुलासा किया होता, तो वे आज इतने परेशान नहीं होते. उन्होंने पाकिस्तानिस्तान की नेशनल असेंबली को भंग करने के बाद अपने संबोधन में विराष्ट्री षड्यंत्र के दावे को दोहराया है.
इमरान खान ने कहा कि विपक्ष को समझ में ही नहीं इनकमा कि आखिर क्या हुआ. हालांकि हमने अपने समर्थकों से पहले ही कहा था कि घबराने की आवश्यकता नहीं है. इसी बीच उन्होंने कहा कि पाकिस्तानिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ हुई मीटिंग में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की जो बुनियाद थी वह पूरी तरह से बाहरी थी. इसमें बाहरी राष्ट्रों का दखल था.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की सिफारिश को मानते हुए नेशनल असेंबली को भंग कर दिया. जिसके बाद 90 दिनों के भीतर पाकिस्तानिस्तान में फिर से चुनाव होने वाले हैं.
विपक्ष पर बरसे फवाद चौधरी
फवाद चौधरी ने कहा कि राजनीति के फैसले न्यायालय में नहीं होते हैं, राजनीति के फैसले सड़क पर होते हैं, जनता करती हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानिस्तान का फैसला 22 करोड़ जनता करेगी लेकिन विपक्ष चुनाव से भाग रहा है. वह चुनाव के लिए तैयार नहीं हैं. इसी बीच उन्होंने कहा कि बाहर बैठे लोग षड्यंत्र के अनुसार पाकिस्तानिस्तान के तख्त का फैसला नहीं कर सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर ने इमरान खान के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 5 का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था और कार्यवाही को स्थगित कर दिया था. जिसके बाद विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. इस विषय में उच्चतम न्यायालय में सुनवाई भी हुई.