Jaipur News: प्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पिछले वर्ष महज दो लाख वोटों से पीछे रहने वाली भाजपा इस बार एक एक वोट की अहमियत समझ रही है। यही वजह है कि भाजपा अब उस क्षेत्र में भी युवा मोर्चा की टीम को भेज रही है, जहां से अब तक भाजपा को कोई खास वोट नही मिल रहा था। भाजपा पांच लाख से अधिक पहली बार वोट देने वाले युवाओं से सीधा सम्पर्क साधने जा रही है, इसके लिए युवा मोर्चा कार्यकर्ता 21 से 23 जनवरी तक बॉर्डर के गांवों डेरा जमाएंगे।
वहीं नव मतदाता अभियान के जरिए उन्हें पार्टी से जोड़ने काम भी करेंगे। स्वयं पूनिया भी शनिवार को बॉर्डर पर गांव में पहुंचेंगे। बीजेपीं प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पर नव मतदाता अभियान के पोस्टर को लांच किया। उन्होंने बोला कि पार्टी नव मतदाता अभियान के जरिए पहली बार मतदाता सूची में जुड़े मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए काम करेगी। पूनिया ने बोला कि पार्टी ने तय किया है कि राजस्थान के करीब 11 सौ किलोमीटर बॉर्डर क्षेत्र में बसे गांव तक भी युवा मोर्चा की टीम पहुंचेगी। 21 से 23 जनवरी तक पार्टी के कार्यकर्ता उन्हीं गांव में निवास करेंगे और युवाओं को पार्टी की नीति-रीति के बारे में समझाएंगे और उन्हें पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे।
जीवंत बॉर्डर दर्शन से करेंगे सम्पर्क
सतीश पूनिया ने बोला कि इस अभियान के जरिये बॉर्डर पर रहने वाले लोगों की दिनचर्या, उनकी समस्या, उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाएंगे। साथ ही वहां के लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए का काम भी किया जाएगा। पूनिया ने बताया कि इस कार्यक्रम का नाम वाइब्रेंट बॉर्डर विजिट यानी जीवन सीमा ग्राम दर्शन रखा गया है। तीन दिन तक कार्यकर्ता बॉर्डर गांव में रहेंगे और वहां प्रबंध और हालातों पर रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दी जाएगी।
पूनिया भी जाएंगे बॉर्डर विलेज
पूनिया ने बताया शनिवार को युवा मोर्चा के कार्यकताओं के साथ वो भी पाक बॉर्डर खजुवाला के पास जाएंगे। पूनिया रात्रि आराम भी वहीं करेंगे। इसके साथ कोडेवाले सीमा सुरक्षा बल पोस्ट भी जाएंगे, जहां पर जवानों से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। पूनिया ने बोला कि हमारी प्रयास रहेगी, हर बूथ पर 50 नए मतदाता रजिस्टर्ड करवाएं और वो पार्टी से जुड़े हैं। पचास मतदाताओं में सर्व स्पर्शी यानी महिला, एससी-एसटी सामाजिक और भोगौलिक क्षेत्र में वर्ग विशेष को जोड़ने का कोशिश करेंगे।