नई दिल्ली:
Delhi EV Policy: दिल्ली गवर्नमेंट की महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक गाड़ी नीति ने इस महीने लॉन्च के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। दिल्ली को हिंदुस्तान की ईवी राजधानी के रूप में स्थापित करने और ईवी वाहनों की खरीद में तेजी लाने के मिशन के साथ 7 अगस्त 2020 को दिल्ली इलेक्ट्रिक गाड़ी नीति प्रारम्भ की थी। दिल्ली गवर्नमेंट का बोलना है कि उन्होंने अभी तक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है जो हिंदुस्तान में किसी भी राज्य द्वारा दी जाने वाली सबसे अधिक सब्सिडी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पैदा करने और कंज़्यूमरों द्वारा वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए इस ईवी नीति में विभिन्न वर्गों के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए खरीद सब्सिडी प्रदान की गई। इसके अलावा, दिल्ली गवर्नमेंट ने सभी बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क माफ कर दिया, जिससे वे और भी किफायती हो गए।
ई गाड़ियों की बिक्री में आई तेजी
इस नीति के बाद से दिल्ली में ई गाड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। नीति के कार्यान्वयन से पहले, दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ी बाजार मुख्यत ई-रिक्शा पर निर्भर था, जिसने दिल्ली में कुल ईवी बिक्री का लगभग 85 प्रतिशत सहयोग दिया। ई-रिक्शा में लोगों की दिलचस्पी ईंधन पर कम खर्च और अधिक मुनाफे के कारण थी। क्योंकि दिल्ली में दो तिहाई दर्ज़ नए गाड़ी 2 डब्ल्यू श्रेणी के हैं, इसलिए नीति का फोकस दो पहिया और वाणिज्यिक तिपहिया श्रेणी को इलेक्ट्रिक में बदलने पर था।
दिल्ली को दुनिया की ईवी कैपिटल बनाने के लिए प्रतिबद्ध
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बोला कि हम दिल्ली को दुनिया की ईवी कैपिटल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक तरफ जहां इलेक्ट्रिक वाहनों से दिल्ली में प्रदूषण कम होगा, वहीं दूसरी तरफ इससे रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ईवी नीति के भीतर हम स्त्रियों को काफी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे दिल्ली की सड़कों पर स्त्रियों को निजी और सार्वजनिक ई वाहनों के ड्राइवर के रूप में आप देख सकते हैं। मैं दिल्ली ईवी नीति को सफल बनाने के लिए सभी हितधारकों और दिल्ली के नागरिकों को धन्यवाद देता हूं।
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को दी अहमियत
दिल्ली गवर्नमेंट का बोलना है कि किसी भी नीति को सफल बनाने के लिए, यह जरूरी है कि सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से परामर्श किया जाए और नीति तैयार करने से पहले जानकारों की राय को लागू किया जाए। दिल्ली गवर्नमेंट ने नीति के प्रारूप के लिए सभी हितधारकों के विचारों और सुझावों को शामिल करना सुनिश्चित किया। प्राइवेट सेक्टर में वाहनों के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के अलावा, दिल्ली गवर्नमेंट ने अपने परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी अहमियत दी है।
राजधानी में 2023 के अंत तक लगभग 2000 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी
दिल्ली के परिवहन मंत्री के अनुसार 150 इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही दिल्ली की सड़कों पर चल रही हैं। राज्य में 2023 के अंत तक लगभग 2000 इलेक्ट्रिक बसें दिखाई देंगी, जो राष्ट्र में सबसे अधिक होंगी। 55 बस डिपो का विद्युतीकरण प्रगति पर है 3 पहले से ही विद्युतीकृत हैं। 17 बस डिपो जून 2023 तक और 35 बस डिपो दिसंबर 2023 तक विद्युतीकृत किए जाने हैं। इसके अलावा, नीति में स्त्रियों को भी शामिल किया गया है। दिल्ली गवर्नमेंट ने हाल ही में इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए 4261 परमिट जारी किए, उनमें 33 प्रतिशत परमिट विशेष रूप से स्त्रियों के लिए आरक्षित किए गए।