प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा है राष्ट्रपति ने हिंदुस्तान की उपलब्धियों, दुनिया की हिन्दुस्तान से अपेक्षाओं और हिन्दुस्तान की सामान्य मानविकी का आत्मविश्वास विकसित हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प इन सारे विषयों को लेकर विस्तार से वार्ता की. राष्ट्र को आगे की दिशा भी दिखाई है. राष्ट्रपति का अभिभाषण प्रेरक भी रहा, कारगर भी था और हम सबके के लिए भविष्य के काम का मार्गदर्शन भी कर रहे है. मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद पेश करने के लिए मौजूद हुआ हूँ.
राज्यसभा में आखिर क्या बोल गए जयशंकर: जयशंकर ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बारें में कहा है कि, अमेरिका ने 104 इंडियंस को निर्वासित कर दिया गया है. सभी नागरिक अपने-अपने घरों तक पहुंच चुके है. हर राष्ट्र की यह जिम्मेदारी है कि यदि उनके नागरिक विदेश में गैरकानूनी रूप से रहते हैं तो उन्हें वापस बुला लिया. हम अमेरिका की सरकार के साथ संपर्क में हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लौटने वाले लोगों के साथ किसी भी प्रकार का बुरा व्यवहार न हो सके.
विदेश मंत्री ने इस बारें में बोला है कि, अमेरिका से हिंदुस्तानियों का निर्वासन पहली बार ऐसा नहीं हुआ है. यह 2009 से हो रहा है. बीते 16 वर्षों से अमेरिका से 15,652 हिंदुस्तानियों को वापस भेज दिया गया है. सबसे अधिक साल 2019 में 2042 लोगों को हिंदुस्तान निर्वासित कर दिया गया. हम कभी भी गैरकानूनी प्रवासन के पक्ष में नहीं हैं. इससे किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है.
कल तक के लिए लोकसभा हुई स्थगित: अब तक मिली जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री एस जयशंकर लोकसभा में अमेरिका से निर्वासित किए गए हिंदुस्तानियों के मुद्दे पर कह रहे थे. तभी विपक्षी सांसदों ने हंगामा कर दिया और नारे लगाए कि विदेश मंत्री को पहले ही लोकसभा में बयान भी देने के बारें में सोच रहे थे. विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद सदन को कल तक के लिए स्थगित कर डाला.