डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद केवल 17 दिनों में उन्होंने कई बड़े निर्णय लेकर दुनिया में हलचल मचाई हुई है. हालही में उन्होंने एक और बड़ा निर्णय लिया है और इस बार यह खिलाड़ियों को लेकर है. डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसके अनुसार ट्रांसजेंडर खिलाड़ी स्त्री वर्ग के खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, स्त्री एथलीटों की रक्षा के लिए उन्होंने उनके खेलों में ट्रांसजेंडर (Transgenders) की एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी है.
इस नियम के अनुसार जो खिलाड़ी जन्म के समय पुरुष थे लेकिन उन्होंने बाद में अपना जेंडर चेंज किया है, वे अब स्त्रियों की खेल प्रतियोगिता से बैन हैं. रीपब्लिकंस ने इस निर्णय का समर्थन और प्रशंसा कर बोला कि यह निष्पक्षता दर्शाता है लेकिन LGBT कम्युनिटी का बोलना है कि यह उनके प्रति भेदभाव करना और इस से ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ेगा.
इस नियम को स्कूल, कॉलेज और स्पोर्ट्स इंस्टीटूट्स में तुरन्त लागू कर दिया है और जो विद्यालय या कॉलेज ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को स्त्रियों की प्रतियोगिताएं में हिस्सा लेने की परमीशन देगा, उसकी फेडरल फंडिंग (Federal Funding) को खतरा हो सकता है. आपको बता दें इस आदेश का नाम ‘कीपिंग मेन आउट ऑफ वीमेंस स्पोर्ट्स’ है (Keeping Men Out of Women’s Sports) यह आर्डर तब लागू किया किया जब राष्ट्र National Girls and Women in Sports Day इंकार रहा था.
20 जनवरी को कार्यालय में अपने पहले दिन उन्होंने संघीय गवर्नमेंट (Federal Government) से आधिकारिक तौर पर जेंडर को पुरुष या स्त्री के रूप में परिभाषित करने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे.
ईस्ट रूम में हस्ताक्षर कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “इस कार्यकारी आदेश (Executive Order) के साथ, स्त्रियों के खेल पर युद्ध खत्म हो गया है,” इस आदेश का असर लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलंपिक खेलों (2028 Olympic Games) पर भी पड़ेगा. उन्होंने बोला कि वह उन ट्रांसजेंडर एथलीटों को वीजा (VISA) देने से इनकार कर देंगे जो ओलंपिक के लिए US आने की प्रयास करेंगे.