हार्ट अटैक के बाद दिल होगा दुरुस्त : मौजूदा समय में हार्ट अटैक के रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रहा है। पिछले कुछ महीनों में हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या में वृद्धि हुआ हैसबसे खास बात यह है कि अब किसी भी उम्र के लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. चाहे आप 20 साल के हों या 60 साल के, हर उम्र वर्ग के लिए दिल का दौरा एक गंभीर जोखिम बन गया है.
दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल ठीक हो जाएगा
हाल ही में एका केयर ने करेंट हेल्थ पर एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पहले की तुलना में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे खास बात यह है कि हार्ट अटैक से मरने वालों में ज्यादातर युवा हैं.
वैज्ञानिकों ने बनाया बायो जेल
दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल कमजोर हो जाता है और दिल की मांसपेशियां और वाल्व क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने अध्ययन कर कमजोर दिल को ठीक करने वाला कारागार बनाया है. वैज्ञानिकों का तैयार बायो कारागार दिल को करेगा रिपेयर वैज्ञानिकों का दावा है कि इस कारागार की सहायता से हार्ट अटैक के बाद आपके दिल को ठीक किया जा सकता है.
बायो-जेल क्या है? (बायो कारागार क्या है?)
बायो कारागार एक प्रकार का बहुत गाढ़ा तरल होता है. इस बायो कारागार को उपयोग करने से पहले स्टेराइल पानी से पतला किया जाता है. हार्ट अटैक के बाद रोगी का दिल कमजोर हो जाता है. दिल का दौरा दिल की मांसपेशियों और वाल्वों को हानि पहुंचाता है. ऐसे में यह कारागार दिल को रिपेयर करने में सहायता करता है. जैसा कि वैज्ञानिकों का दावा है, इसका सफल परीक्षण हो चुका है और अब इस बायोजेल को आम जनता के लिए सरलता से मौजूद कराने का काम चल रहा है.
बायो कारागार कैसे काम करता है?
डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार बायो कारागार का उपयोग हार्ट अटैक के रोगियों पर किया जाता है. इस बायो कारागार को इंजेक्शन की सहायता से रोगी के शरीर में पहुंचाया जाता है. एक बार शरीर में प्रवेश करने के बाद, बायो कारागार दिल के क्षतिग्रस्त क्षेत्रों की मरम्मत करता है. जब आपको दिल का दौरा पड़ता है, तो आपका दिल टूट जाता है और रक्त वाहिकाओं को हानि पहुंचाता है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि बायोजेल इसे ठीक करता है.