बारिश का मौसम में सबसे अधिक बीमारियां फैलती हैं। कई तरह के बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन लोगों का जीना मुहाल कर देते हैं। यह मौसम स्वास्थ्य के लिए बहुत कठिन माना जााता है। इस मौसम में खाने-पीने में जरा सी गलती आपको हॉस्पिटल पहुंचा सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस मौसम में फूड कंटामिनेशन का खतरा अधिक होता है, जिसकी वजह से लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। आज डाइटिशियन से जानेंगे कि इस मौसम में लोगों को अपनी डाइट कैसी रखनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य दुरुस्त हो सके।
न्यूट्रिफाई बाई पूनम डाइट एंड वेलनेस क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन पूनम दुनेजा ने बताया कि इस मौसम में खान-पान का ध्यान रखा जाए, तो काफी हद तक रोंगों से बचाव किया जा सकता है। खाने-पीने का सीधा असर स्वास्थ्य पर होता है और बरसात के मौसम में पौष्टिक और ताजा खाना खाने की प्रयास करनी चाहिए। बासी खाना इस मौसम में इंफेक्शन की वजह बन सकता है। बरसात में खाना बनाते समय साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए और खाने में जो भी चीजें इस्तेमाल करें, उन्हें अच्छी तरह साफ करना चाहिए। अन्यथा स्वास्थ्य को खतरे पैदा हो सकते हैं।
बरसात में ये 5 फूड्स रखेंगे हेल्दी
– बरसात में मौसमी सब्जियों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। लौकी, तोरई, परवल, करेला, टिंडा खाने से स्वास्थ्य को काफी लाभ हो सकता है। इनमें से कुछ सब्जियों को पराठा, सूप, रायता में भी शामिल कर सते हैं। हालांकि सब्जियों को अच्छी तरह धोकर साफ करें और उबालकर ही खाएं।
– बरसाती फल भी स्वास्थ्य के लिए चमत्कारी साबित हो सकते हैं। आलूबुखारा, नाशपाती, जामुन, अनार जैसे मौसमी फल विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि कभी भी कटे हुए फल न खरीदें, अन्यथा हानि हो सकता है।
– इस मौसम में अपनी डाइट में फ्लूड को शामिल करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। सूप, मसाला चाय, ग्रीन टी, शोरबा, दाल खाने से हाइड्रेशन अच्छा रहता है और ये चीजें इम्यून सिस्टम के लिए भी अच्छी मानी जाती हैं।
– बरसात में प्रोबायोटिक्स से भरपूर फूड्स का जमकर सेवन करना चाहिए। पेट को ठीक रखने के लिए बरसात में दही, छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स को अपने आहार में शामिल करें। प्रोबायोटिक आंत में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं और गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं।
– रेनी सीजन में अदरक और लहसुन का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। अदरक और लहसुन फ्लू और बुखार से लड़ने में सहायता करते हैं, कंजेशन को समाप्त करते हैं और इनमें एंटी-वायरल गुण होते हैं। अदरक की चाय गले के दर्द को कम करने में सहायता कर सकती है।