Compounding Interest: आमतौर पर लोग अमीर बनने के लिए लाखों रुपये किसी बिजनेस या फिर बैंक में निवेश कर इंटरेस्ट के जरिए फायदा कमाते हैं. यदि अधिक रकम नहीं हो तो इस फार्मूले के जरिए करोड़पति बन पाना बहुत कठिनाई होता है. आज के समय में ज्यादातर लोग कम पैसे लगाकर अमीर बनने की चाहत रखते हैं. कंपाउंडिंग इंटरेस्ट फाइनेंशियल टर्म का एक ऐसा फार्मूला है जिसके जरिए कम पैसे निवेश कर भी करोड़पति बनना काफी आसान हो सकता है. कंपाउंड इंटरेस्ट यानी चक्रवृद्धि ब्याज को समझने के बाद आपको अमीर बनने से कोई भी नहीं रोक सकता है.
फाइनेंशियल टर्म कंपाउंडिंग इंटरेस्ट क्या है
कहीं भी निवेश करने के बाद रिटर्न के रूप में लोग सिंपल इंटरेस्ट यानी साधारण ब्याज की रेट से पैसे कमाते हैं. किसी रकम के ऊपर चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट मिलने के बाद इस रकम को दोगुना और 4 गुना करना बहुत आसान होता है. सिंपल इंटरेस्ट से एक निश्चित समय तक सिर्फ प्रिंसिपल अमाउंट पर ही ब्याज ले पाते हैं. वहीं दूसरी तरफ कंपाउंडिंग इंटरेस्ट में प्रिंसिपल अमाउंट के अतिरिक्त ब्याज रेट के रूप में मिलने वाली रकम के ऊपर भी इंटरेस्ट ले सकते हैं. यदि आसान शब्दों में कहें तो ब्याज के ऊपर जो ब्याज मिले उसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं.
लंबे समय तक निवेश कर बन सकते हैं करोड़पति
आमतौर पर लोग 5 से 10 वर्ष के लिए किसी भी योजना में पैसे निवेश करते हैं. इस पर हर वर्ष ब्याज रेट मिलने के अतिरिक्त समय अवधि खत्म हो जाने के बाद एक साथ सभी रकम को निकाल पाते हैं. वहीं दूसरी तरफ कंपाउंडिंग इंटरेस्ट के जरिए 5 या 10 वर्ष नहीं बल्कि 20 से 30 वर्ष तक के लिए किसी भी रकम को निवेश कर सरलता से करोड़पति बन सकते हैं. कंपाउंडिंग के लिए सबसे अहम समय अवधि है. कम समय के लिए निवेश करने पर आप उस रकम पर सिर्फ कुछ ही प्रतिशत ब्याज ले पाते हैं.
मात्र 1 लाख रुपये निवेश कर बने करोड़पति
अगर आपके पास सिर्फ 1 लाख रुपये ही हो और इसके जरिए करोड़पति बनना चाहते हैं तो कंपाउंडिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है. 1 लाख रुपये को 15% साधारण ब्याज पर 35 साल के लिए निवेश करें तो सिर्फ 6,25,000 रुपये ही वापस ले पाएंगे. वहीं दूसरी तरफ यदि इस रकम को आप चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट पर 35 साल के लिए निवेश करते हैं तो आपको 1,33,17,552.34 लाख रुपये वापस मिलेंगे.