राजस्व वृद्धि में मंदी के बावजूद कॉर्पोरेट क्षेत्र ने मार्च तिमाही में दो अंकों की विकास रेट बनाए रखी. हालांकि, लगातार दूसरी तिमाही में शुद्ध फायदा वृद्धि एक अंक में रही. सूत्रों ने बोला कि बैंकिंग और वित्त कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से शुद्घ फायदा वृद्घि कायम रही. परिचालन फायदा में तिमाही आधार पर सुधार हुआ, हालांकि यह साल-दर-साल आधार पर दबाव में रहा.
अब तक जिन 2,863 कंपनियों ने अपने मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं, उनके नतीजों पर नजर डालें तो उनका राजस्व वर्ष रेट वर्ष 13.4 प्रतिशत की रेट से बढ़ा है. जून 2022 की तिमाही में राजस्व में 33.9 फीसदी की तीव्र वृद्धि के बाद, राजस्व वृद्धि में नरमी आई और तिमाही-दर-तिमाही गिरावट देखी गई. मार्च तिमाही में नेट प्रॉफिट 6.5 प्रतिशत बढ़ा है. सितंबर तिमाही की तुलना में सुधार हुआ है. सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट में 11.5 प्रतिशत की गिरावट आई है. एक वर्ष पहले इसी तिमाही में रेवेन्यू में 21.7 प्रतिशत और प्रॉफिट में 37.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषकों के अनुसार, मार्च 2023 तिमाही के लिए कॉर्पोरेट आय कई क्षेत्रों में हमारी उम्मीदों के अनुरूप रही. जबकि कुछ सेक्टर्स में यह कमजोर रहा है. मसलन, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में कमाई अच्छी रही है. जबकि यह धातुओं में कमजोर बना हुआ है, संस्थागत इक्विटी के प्रमुख कहते हैं. एक अन्य ब्रोकरेज के रिसर्च हेड के मुताबिक, मार्च क्वॉर्टर में टॉप लाइन में हाई ग्रोथ की वजह कस्टमर्स पर कॉस्ट पास करने में कामयाबी रही. मांग में वापसी के साथ ही वॉल्यूम ग्रोथ भी देखी गई है. जबकि शुद्ध फायदा में गिरावट के लिए ब्याज खर्च उत्तरदायी रहा है.