लैपटॉप-टैबलेट आयात प्रतिबंध: एक दिन पहले गुरुवार, 3 अगस्त 2023 को केंद्र की मोदी गवर्नमेंट ने मेक इन इण्डिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के आयात पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया था। लेकिन अब बताया जा रहा है कि गवर्नमेंट इस निर्णय को लागू करने में देरी कर सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बोला कि लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के आयात को लेकर नए नियम जारी किए जाएंगे।
राजीव चन्द्रशेखर ने बोला कि गवर्नमेंट का उद्देश्य राष्ट्र में विश्वसनीय हार्डवेयर सिस्टम सुनिश्चित करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करना है। उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट इन श्रेणियों के उत्पादों का घरेलू विनिर्माण बढ़ाना चाहती है। उन्होंने ट्विटर पर एक यूजर को उत्तर देते हुए बोला कि यह लाइसेंस राज का मुद्दा नहीं है बल्कि आयात को विनियमित करने का मुद्दा है।
सरकार कंपनियों को आयात के लिए आवेदन करने के लिए कुछ और समय दे सकती है। अधिसूचना जारी होने के अगले ही दिन एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बोला कि आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। कंपनियां और व्यापारी लैपटॉप, टैबलेट और आईटी हार्डवेयर का आयात कर सकते हैं।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बोला कि गवर्नमेंट के इस निर्णय से लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, साथ ही इन चीजों की आपूर्ति में भी कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बोला कि इन चीजों के आयात का लाइसेंस केवल 5 मिनट में जारी हो जाएगा। डीजीएफटी का औनलाइन लाइसेंस पोर्टल तैयार है, जो अगले एक वर्ष तक वैध रहेगा।
उन्होंने कहा कि लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर के आयात पर कठोरता करने से चीन के साथ हिंदुस्तान के व्यापार घाटे को कम करने में सहायता मिलेगी, साथ ही घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।