आप सभी को बता दें कि इस समय फाल्गुन कृष्ण पक्ष चल रहा है और इस पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी या द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहलाती है. इस बार द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 20 फरवरी, रविवार को रखा जाने वाला है. ऐसे में यदि हम धार्मिक मान्यताओं को माने तो इस दिन विधिपूर्वक भगवान गणेश की पूजा की जाती है. तो आइए आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस दिन किये जाने वाले तरीका जो करने से आपकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है.
* संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश को गेंदे का फूल चढ़ाकर मोदक और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें. ऐसे करने से आपके सारे कार्य बन जाएंगे.
* यदि आपका स्वयं का घर खरीदने की तमन्ना है तो श्री गणेश पंचरत्न स्तोत्र का पाठ करें.
* श्री गणेश जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है. ऐसे में संकष्टी चतुर्थी पर श्री गणेश को पूजन के समय सिंदूर का तिलक करके स्वयं भी तिलक करें. उसके बाद श्री गणेश का पूजन करें. इससे जीवन में ख़ुशी ही ख़ुशी आएगी.
* श्री गणेश पूजन के बाद मंत्र- ‘ॐ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा’ का 108 बार जाप करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं नाश हो जाती है.
* संकष्टी चतुर्थी पर शमी के पेड़ का पूजन करने से श्री गणेश प्रसन्न होते हैं. जी दरअसल उनको शमी के पत्ते अर्पित करने से दुःख, रेटिद्रता दूर होती है.
* अपार धन-संपत्ति चाहिए तो गणेश स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.
* शीघ्र शादी के लिए मंत्र- ‘ॐ ग्लौम गणपतयै नमः’ की 11 माला जपें तथा गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश मोदक का भोग लगाएं.