यूक्रेन युद्ध का एक वर्ष पुरा होने जा रहा है. लेकिन युद्ध के समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. यूक्रेन में शांति की डोभाल डिप्लोमेसी सामने आई है. यूक्रेन ने हिंदुस्तान से बड़ी आशा जताई है. यूक्रेनी राष्ट्रपति के ऑफिस के हेड आंद्रे यरमाक ने हिंदुस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल को टेलीफोन किया और उनसे यूक्रेन के शांति प्रस्ताव पर समर्थन की अपील की है. यानी यूक्रेन को लगता है कि रूस के साथ युद्ध का निवारण निकालने में हिंदुस्तान शांति दूत की किरदार निभा सकता है. अजित डोभाल से टेलीफोन पर वार्ता में जेलेंस्की कार्यालय के प्रमुख ने उन्हें युद्ध के ताजा हालात की जानकारी के साथ यूएन में होने वाली मीटिंग में शांति प्रस्ताव पर समर्थन मांगा है.
यूक्रेन से डोभाल को फोन
रूस के जंग को समाप्त करवाने के लिए युक्रेन ने हिंदुस्तान का साथ मांगा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख आंद्रे यरमाक (भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को टेलीफोन किया और संयुक्त देश में रूस के विरूद्ध मसौदा प्रस्ताव पर हिंदुस्तान से समर्थन की अपील की है. यह प्रस्ताव रूस के हमले को रोकने और यूक्रेन में स्थायी शांति की राह तलाशने से जुड़ा है. इस पर गुरुवार को वोट होना है. रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े संयुक्त देश में अधिकतर प्रस्तावों पर मतदान के दौरान हिंदुस्तान अनुपस्थित रहा है.
यूक्रेन का पीस फॉर्मूला तैयार
यूक्रेन ने शांति के लिए 10 प्वाइंट का पीस फॉर्मूला तैयार किया है. फॉर्मूला में युद्ध को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, इस बात का जिक्र है. ये पीस फॉर्मूला यूएन चॉर्टर के अनुसार तैयार किया गया है. ये संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रस्ताव पर बना है. इस प्रस्ताव पर 23 फरवरी को संयुक्त देश में बैठक होगी. इसके लिए यूक्रेन ने हिंदुस्तान से समर्थन मांगा है. साफ है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में हिंदुस्तान का प्रारम्भ से ही तटस्थ रूख रहा है. पूरी दुनिया में उसकी चर्चा हुई है. इसलिए यूक्रेन हिंदुस्तान की तरफ आशा से देख रहा है.