अखिलेश ने बोला कि उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक गौ दुग्ध संयंत्र इस गवर्नमेंट की ढिलाई से बंद… एक भी स्टेडियम नहीं बना लेकिन खेल यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते हैं. उन्होंने दावा किया कि लखनऊ, आगरा और कानपुर मेट्रो सब कुछ समाजवादी गवर्नमेंट ने दिया है.
उत्तर प्रदेश की योगी गवर्नमेंट ने आज अपना बजट पेश किया. 2023-24 के बजट में कई बड़े वादे किए गए हैं. हालांकि, विपक्ष लगातार योगी गवर्नमेंट के बजट की आलोचना कर रहा है. सपा के प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तो इसे दिशाहीन बता दिया. अपने बयान में अखिलेश ने बोला कि ये बजट दिशाहीन दिखाई देता है. उन्होंने बोला कि इसमें ना आज की समस्याओं का निवारण और ना ही भविष्य के किसी निर्णय को आगे लेकर जाने का कोई रास्ता दिखाई देता है. समाजवादी पार्टी प्रमुख ने स्पष्ट रूप से बोला कि इस बजट ने किसानों, युवाओं, स्त्रियों को निराश किया है.
अखिलेश ने बोला कि उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक गौ दुग्ध संयंत्र इस गवर्नमेंट की ढिलाई से बंद… एक भी स्टेडियम नहीं बना लेकिन खेल यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते हैं. उन्होंने दावा किया कि लखनऊ, आगरा और कानपुर मेट्रो सब कुछ समाजवादी गवर्नमेंट ने दिया है. उन्होंने बोला कि बजट में कोई जॉब की बात नहीं है. गवर्नमेंट ने सभी MSMEs को नष्ट कर दिया. उनके लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा नहीं की. वे कहते हैं ‘व्यापार करने में आसानी’ लेकिन वास्तव में, यह ‘अपराध करने में आसानी’ है. वहीं, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर बोला कि उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा सदन में आज पेश बजट जनहित और जनकल्याण का कम एवं लोकसभा चुनाव स्वार्थ को लेकर पुनः वादों का पिटारा. उन्होंने प्रश्न किया कि क्या इस अवास्तविक बजट से यहाँ की जनता का भलाई और कल्याण तथा हिंदुस्तान का ग्रोथ इंजन बनने का दावा पूरा होगा? ऋण में डूबी उत्तर प्रदेश को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट चाहिए.
मायावती ने बोला कि उत्तर प्रदेश बीजेपी गवर्नमेंट अपनी बहुप्रचारित घोषणाओं, वादों और दावों को ध्यान में रखकर यहाँ महंगाई से त्रस्त लगभग 24 करोड़ जनता की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पिछड़ेपन एवं तानाशाही आदि से उत्पन्न बदहाली को दूर करने हेतु अपनी कथनी एवं करनी में अन्तर से जनता के साथ विश्वासघात क्यों? उन्होंने बोला कि उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा लोकसभा आमचुनाव के मद्देनजर नए भ्रमकारी वादे और दावे करने से पहले पिछले बजट का निष्ठावान रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने नहीं रखने से साफ है कि बीजेपी की डबल इंजन गवर्नमेंट में प्रति आदमी आय और विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार और जुमलेबाजी. बजट ऊँट के मुँह में जीरा.