नई दिल्ली। स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर एक बार फिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कठोरता दिखाई है। उन्होंने शुक्रवार को बोला कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट के भी 15 वर्ष से अधिक पुराने सभी वाहनों को कबाड़ में बदला जाएगा और इससे संबंधित नीति राज्यों को भेजी गई है। गडकरी ने एक कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा, ”मैंने कल पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक फाइल पर हस्ताक्षर किये। इसके अनुसार हिंदुस्तान गवर्नमेंट के सभी 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को कबाड़ में बदल दिया जाएगा। मैंने हिंदुस्तान गवर्नमेंट की इस नीति को सभी राज्यों को भेज दिया है। उन्हें भी राज्यों के स्तर पर इसे अपनाना चाहिए।”
गडकरी ने बोला कि पानीपत में भारतीय ऑयल के दो संयंत्र लगभग प्रारम्भ हो गए हैं, जिनमें से एक रोजाना एक लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन करेगा, जबकि दूसरा संयंत्र चावल के भूसे का इस्तेमाल करके रोजाना 150 टन बायो-बिटुमेन का निर्माण करेगा। उन्होंने बोला कि इन संयंत्रों से पराली जलाने की परेशानी में कमी आएगी। इस मौके पर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान मुख्य मेहमान थे। उन्होंने गडकरी के प्रयासों की प्रशंसा की।
क्या है स्क्रैपेज पॉलिसी
स्क्रैपिंग का मतलब ये है कि यदि किसी के पास 15 वर्ष से अधिक पुरानी कार है तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। उस वाहन को रोड पर नहीं चला सकते हैं। यदि कोई आदमी ऐसा करता पकड़ा गया तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। 10 वर्ष पुराने कमर्शियल व्हीकल और 15 वर्ष पुराने प्राइवेट पैसेंजर व्हीकल को फिटनेस टेस्ट देना होगा। फिटनेस टेस्ट कराना मैंडेटरी है। यदि आपकी वाहन फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तो आपको राष्ट्र भर में 60-70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी में अपनी वाहन जमा करवानी होगी।
अगर किसी आदमी की वाहन फिट नहीं है और 15 वर्ष पुरानी है तो उस आदमी को पुरानी वाहन के बदले में एक डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यदि आप नयी वाहन खरीदने जाते हैं तो कई लाभ मिलेंगे। आपको पुरानी वाहन की स्क्रैप वैल्यू मिलेगी जो नयी वाहन की शोरूम प्राइस के 5 फीसदी के बराबर होगी। साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस देने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं राज्य गवर्नमेंट कस्टमर को प्राइवेट व्हीकल के लिए 25% और कमर्शियल व्हीकल के लिए 15% तक रोड टैक्स छूट दे सकती है।