- रूसी लड़ाकू विमान रिहायशी इमारत से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया
- हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई
- इमारत में रहने वाले किसी आदमी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं
रूस के साइबेरियाई क्षेत्र के शहर इरकुत्स्क में रविवार को एक रूसी लड़ाकू विमान एक रिहायशी इमारत से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके कारण उसमें सवार दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई. एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी घटना है जब इस क्षेत्र में कोई लड़ाकू विमान किसी रिहायशी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बोला कि विमान दो मंजिला एक निजी रिहायशी इमारत पर गिरा, जिसमें दो परिवार रहते हैं. इस हादसा के कारण इमारत में रहने वाले किसी आदमी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने बोला कि प्रभावित लोगों को अस्थायी आवास और मुआवजे की पेशकश की जाएगी. हादसा के कारण का तुरन्त पता नहीं चल पाया है और इस सिलसिले में आधिकारिक जांच प्रारम्भ हो गई है.
इससे कुछ दिन पहले 17 अक्टूबर को येस्क में एक रिहायशी इमारत के पास रूसी युद्धक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 15 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 19 अन्य लोग घायल हो गए थे. यह विमान दुर्घटनाएं यूक्रेन में चल रही लड़ाई के परिणामस्वरूप रूसी वायु सेना पर दबाव को दर्शाती हैं. रूसी विमान बनाने वाले संयंत्रों के एक गवर्नमेंट नियंत्रित समूह यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने एक बयान जारी कर बोला कि रविवार को सुखोई-30 लड़ाकू विमान एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे आग लग गई. इस दौरान विमान में कोई हथियार नहीं था.
इरकुत्स्क शहर में ही किया जाता है सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का निर्माण
रूसी सोशल नेटवर्क पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में लड़ाकू विमान को लगभग लंबवत गिरते हुए देखा जा सकता है. हादसा के एक अन्य वीडियो में आग की लपटों से घिरी इमारत और आग बुझाने के लिए तैनात दमकलकर्मियों को देखा जा सकता है. छह लाख से अधिक जनसंख्या वाला इरकुत्स्क शहर रूस का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है, जहां सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का निर्माण किया जाता है. सुखोई-30 दो इंजनों वाला एक सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है, जिसका उपयोग रूसी वायु सेना करती रही है. हिंदुस्तान और चीन समेत कई अन्य राष्ट्रों की वायु सेना में भी यह विमान शामिल हैं. रूसी सेना की ओर से 24 फरवरी को यूक्रेन के विरूद्ध प्रारम्भ किए गए आक्रमण के बाद यह 11वीं ऐसी घटना है, जिसमें युद्ध से संबंध नहीं रखने वाला लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है