केला खाने से माइग्रेन अटैक में तुरंत राहत मिल सकती है।
हल्दी वाले दूध से माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सकता है।
डेली सीड्स और नट्स खाने से माइग्रेन में राहत मिल सकती है।
Foods That Benefits In Migraine Pain– सिर में दर्द होना आम है लेकिन आधे सिर में लगातार दर्द रहना माइग्रेन की ओर इशारा करता है। माइग्रेन सिर में होने वाला एक भयानक दर्द है, जिसे बर्दाश्त करना लगभग असंभव होता है। माइग्रेन होने का सामान्य कारण ब्रेन में असामान्य एक्टिविटी हो सकता है। लेकिन ये हार्मोनल चेंज, अनहेल्दी फूड, ज्यादा एल्कोहल और तनाव के कारण भी ट्रिगर करता है। हेल्दी फूड माइग्रेन के दर्द को कम करने और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाने में सहायता कर सकता है। जानकारों का मानना है कि बेहतर भोजन इम्बेलेंस को बेहतर बनाता है, जो सिरदर्द को कम करने में सहयोग देता है।
माइग्रेन के दौरान यदि हल्दी वाले दूध का सेवन किया जाए तो तुरंत आराम मिल सकता है। ऐसे ही कई हेल्दी फूड हैं जो माइग्रेन के दर्द को कम करने में सहायता कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं उनके बारे में।
माइग्रेन अटैक के समय केला खाना बहुत लाभकारी हो सकता है। तुरंत एनर्जी रिकवरी के लिए केला एक सुपरफूड की तरह काम करता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो सिरदर्द को कम करने में सहायता करता है। केले में 74 फीसदी पानी होता है, इससे शरीर को हाइड्रेट रखने में भी सहायता मिलती है।
हल्दी का दूध
आयुर्वेद में हल्दी को दर्दनिवारक औषधि बताया गया है। दूध में हल्दी मिलाने से इसका एंटी-इनफ्लेमेटरी गुण ज्यादा सक्रिय हो जाता है। हल्दी वाला दूध सिरदर्द, सूजन और शरीर में होने वाले दर्द में आराम मिल देता है। ये अर्थराइटिस और पेट में होने वाले अल्सर से भी बचाता है।
तरबूज
तरबूज में 92 फीसदी पानी होता है। अत्यधिक पानी, चाहे वो पीने के माध्यम से या खाने के माध्यम से शरीर में पहुंचे, बॉडी को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने में सहायता करता है। माइग्रेन सहित ओवरऑल हेल्थ के लिए बॉडी में पर्याप्त फ्लूड बहुत महत्वपूर्ण होता है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में माइग्रेन का अटैक अक्सर परेशान करता है। ऐसे में तरबूज खाने से माइग्रेन अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।
सीड्स और नट्स
कई बार मैग्नीशियम की कमी से भी सिरदर्द होने लगता है। प्रतिदिन मैग्नीशियम रिच फूड खाने से सिरदर्द को दूर किया जा सकता है। फ्लैक्ससीड, स्प्राउट पंपकिन सीड और चिआ सीड सभी में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। पंपकिन सीड में फाइबर भी अधिक मात्रा में होता है, जो कब्ज से राहत दिलाता है। जिससे कई बार माइग्रेन का दर्द हो सकता है। काजू में भी मैग्नीशियम अधिक होता है।