HDFC के मर्जर को लेकर बड़ा अपडेट है। अब हाउसिंग लोन देने वाले एचडीएफसी लिमिटेड को अपने सहायक के साथ विलय के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) से स्वीकृति मिल गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को भेजी सूचना में यह जानकारी दी है। इस सूचना के अनुसार,एनएचबी ने एचडीएफसी की दो सहायक कंपनियों- एचडीएफसी इंवेस्टमेंट्स और एचडीएफसी होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ विलय को भी स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले एचडीएफसी लिमिटेड को एचडीएफसी बैंक के साथ प्रस्तावित विलय पर भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड और स्टॉक एक्सचेंज (NSE और BSE) से स्वीकृति मिल चुकी है। यानी अब मर्जर का रास्ता और साफ़ हो गया है।
यहां की स्वीकृति अनिवार्य
अभी मर्जर में कुछ स्वीकृति अब भी बाकि है। यह विलय योजना अभी भी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, एनसीएलटी और दोनों कंपनियों के संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों समेत विभिन्न वैधानिक और नियामकों की स्वीकृति के अधीन है, इन सभी जगहों से स्वीकृति मिलने के बाद ही इनका विलय हो सकेगा। आपको बता दें कि यह राष्ट्र के कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ा लेनदेन होने जा रहा है। एचडीएफसी के एचडीएफसी बैंक के साथ विलय के प्रस्ताव को शेयर बाजारों की स्वीकृति मिल गई है। उल्लेखनीय है कि शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स से एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक को अनापत्ति (नो ऑब्जेक्शन) मिल गई है। यानी अब एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक मर्ज हो जाएगा।
बैंक ने दी जानकारी
एचडीएफसी बैंक ने बताया कि उसे बीएसई लिमिटेड से ‘किसी भी प्रतिकूल टिप्पणी के बिना’ ऑब्जर्वेशन लेटर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इण्डिया लिमिटेड से ‘नो ऑब्जेक्शन’ के साथ ऑब्जर्वेशन लेटर मिला है। यानी अब एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय का रास्ता साफ हो गया है।
आरबीआई ने दी मंजूरी
इतना ही नहीं एचडीएफसी के एचडीएफसी बैंक के साथ विलय के प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक की भी स्वीकृति मिल गई है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक के पास ये प्रस्ताव बहुत पहले से था।
40 अरब $ का सौदा
गौरतलब है कि इससे पहले 4 अप्रैल को राष्ट्र की सबसे बड़ी आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक में विलय का निर्णय हुआ था। आपको बता दें कि करीब 40 अरब $ के इस अधिग्रहण सौदे से वित्तीय सेवा क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी अस्तित्व में आएगी। एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय के साथ ही कंपनी एक नए वजूद में आ जाएगी।
कितना है कंबाइंड एसेट?
प्रस्तावित इकाई का कंबाइंड एसेट बेस लगभग 18 लाख करोड़ रुपये होगा। विलय के वित्त साल 24 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक पूरा होने की आशा है, जो रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन है। सौदा कारगर होने के बाद, एचडीएफसी बैंक 100 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारकों के स्वामित्व में होगा और एचडीएफसी के मौजूदा शेयरधारकों के पास बैंक का 41 फीसदी हिस्सा होगा।