नई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 अनियमितता को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल को कई शिकायतें मिली हैं. प्रतिष्ठित नागरिकों, संगठनों, वकीलों और न्याय के लिए लड़ाई लड़ने वालों ने इस मुद्दे में अनियमितता को लेकर कम्पलेन की है. राजनिवास सूत्रों का बोलना है कि शिकायतकर्ता संगठन के नाम और पहचान का उल्लेख उनके निवेदन पर छुपाया गया है. इससे उनका उत्पीड़न होने और किसी तरह की धमकी से बचाया जा सकेगा. वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनके साथ कोई बदसलूकी नहीं कर सकेगा.
सूत्र बताते हैं कि कम्पलेन मिलने के बाद उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को सत्यापन और जांच के लिए भेजा है. प्रथम दृष्टया इसमें शराब लाइसेंस के जारी करने पर गंभीर अनियमितताएं नजर आ रही हैं. पंद्रह दिनों के भीतर रिपोर्ट आने के बाद उपराज्यपाल रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे. सूत्रों का बोलना है कि गवर्नमेंट के शीर्ष नेतृत्व की प्रत्यक्ष नज़र में दिल्ली गवर्नमेंट ने शराब माफियाओं को लाइसेंस दिया है. पहले तो अनियमितता वाली फाइल पर जांच की जा रही थी, लेकिन इसके बाद कई संगठन, नागरिक, उद्योग निकायों, पूर्व नौकरशाहों का तर्कपूर्ण शिकायतें मिलनी प्रारम्भ हो गई हैं.
आरोप है कि नयी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 का उल्लंघन खुलेआम उल्लंघन किया गया. दिल्ली में शराब की बिक्री के लिए रिटेल जोनल लाइसेंस देने में करप्शन किया गया है. लाइसेंस देने में केजरीवाल गवर्नमेंट ने न केवल दागी बोली लगाने वालों को तरजीह दी, बल्कि शराब माफियाओं को भी खुली छूट दे दी गई. राजनिवास सूत्रों का बोलना है कि बालाजी ग्रुप ऑफ कंपनीज, इंडोस्पिरिट ग्रुप-निर्माता, खाओ गली रेस्तरां प्राइवेट लिमिटेड, शराब के निर्माता और वितरक सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड की इकाई समेत कई कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया है. मुख्य सचिव की जांच रिपोर्ट पूरे मुद्दे की जांच के बाद मुद्दे की पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को भी सामने लाया जाएगा.
आप के विरूद्ध बीजेपी का प्रदर्शन
केजरीवाल गवर्नमेंट पर नयी आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोप को लेकर सोमवार को आप(आम आदमी पार्टी) के कार्यालय के पास बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी आईटीओ पर इकट्ठा होकर डीडीयू मार्ग स्थित आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय की ओर मार्च करने की प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. बैरिकेड्स पार करने वालों को हिरासत में ले लिया गया.
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नई आबकारी नीति कथित अनियमितता मामला प्रत्येक दिन नए मोड़ ले रहा है. नया खुलासा जानबूझकर और पूर्व नियोजित ढंग से ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को लाइसेंस देने का है. कई कंपनियों को शराब बिक्री करने का लाइसेंस एक की स्थान दो और तीन जोन में दिया गया. इस मुद्दे में दिल्ली के उराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव को पूरी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है.
नई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 अनियमितता को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल को कई शिकायतें मिली हैं. प्रतिष्ठित नागरिकों, संगठनों, वकीलों और न्याय के लिए लड़ाई लड़ने वालों ने इस मुद्दे में अनियमितता को लेकर कम्पलेन की है. राजनिवास सूत्रों का बोलना है कि शिकायतकर्ता संगठन के नाम और पहचान का उल्लेख उनके निवेदन पर छुपाया गया है. इससे उनका उत्पीड़न होने और किसी तरह की धमकी से बचाया जा सकेगा. वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनके साथ कोई बदसलूकी नहीं कर सकेगा