हिंदुस्तान और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध जहहीरे बयान दे रहे इमरान खान गवर्नमेंट की विदाई के साथ पाक भले ही सियासी संकट से निकल गया हो. लेकिन आर्थिक कंगाली और विराष्ट्री सहायता कहे या भीख वाला कटोरा वहीं छोड़ गए हैं. अब भीख वाला कटोरा नये प्रधानमंत्री और पीएमएनएल एन नेता शहबाज शरीफ ने भी उठा लिया है ताकि कहीं से भी पाक को बस फंड मिल जाए. इसके लिए वो किसी के भी पांव पर गिरने के लिए तैयार हैं, चाहे वो हिंदुस्तान ही क्यों न हो.
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का शुभकामना संराष्ट्र
पाक के नए पीएम ने जताया आभार
पाक के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के शुभकामना संराष्ट्र का उत्तर देते हुए शरीफ ने ट्वीट किया, “पाक हिंदुस्तान के साथ शांतिपूर्ण और योगदानात्मक संबंध चाहता है. जम्मू व कश्मीर सहित लंबित टकरावों का शांतिपूर्ण निवारण अपरिहार्य है. आतंकवाद से लड़ने में पाक का बलिदान सबको पता है. आइए शांति सुनिश्चित करें और अपने लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान दें.” इसके साथ ही प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के खत का भी उन्होंने उत्तर दिया है. मेरे पीएम बनने पर शुभकामना के लिए धन्यवाद प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी. पाक जम्मू व कश्मीर समेत सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण हल चाहता है. आतंकवाद से लड़ने में पाक ने जो बलिदान दिया है, वो सभी को पता है. आइए साथ मिलकर शांति सुनिश्चित करें और अपने लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान दें. पाक हिंदुस्तान के साथ शांतिपूर्ण और योगदानात्मक संबंधों का पक्षधर है.
हिंदुस्तान पाक रिश्ते में तनाव
वर्ष 2019 के बाद से हिंदुस्तान और पाक के बीच रिश्तों में खटास आ गई है. वर्ष 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद हिंदुस्तान ने कार्रवाई की और बालाकोट एयरस्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के कैंप्स को ध्वस्त कर दिया. इसके बाद से रिश्ते दोनों राष्ट्रों के बीच खराब चल रहे हैं. शहबाज शरीफ और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के पत्र से ऐसा लग रहा है कि दोनों राष्ट्रों के रिश्तों में एक नयी आरंभ हो सकती है. पाकी डिप्लोमैटिक सूत्रों की मानें तो ये प्रयास दोनों ही पक्षों में तनावपूर्ण संबंधों के कारण सालों से रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने की इच्छा की ओर इशारा कर रही है. कंगाल पाक सोच रहा है कि उसे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए हिंदुस्तान सहायता कर सकता है.
अपने ही राष्ट्र में घिरे शहबाज
शहबाज शरीफ के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र को लेकर निशाना साधते हुए अब्दुल बासित ने इसे एक कमजोर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया करार दिया है. बासित ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कश्मीर कोई मुद्दा नहीं बल्कि टकराव है. पीएण मोदी ने अपने शुभकामना संराष्ट्र में आतंकवाद का जिक्र किया था. लेकिन कश्मीर में हिंदुस्तान के राज्य पोषित आतंकवाद का क्या? कमांडर कुलभूषण जाधव का क्या? पाक को इस तरह क्षमा याचना की आवश्यकता नहीं.