लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को बोला कि कांग्रेस पार्टी पिछले तीन दशकों में गुजरात के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में असमर्थ रही है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी नेताओं का एक वर्ग अंदर से बीजेपी के साथ साठगांठ कर रहा है. अब इसी को लेकर बीजेपी की ओर से राहुल गांधी पर पलटवार किया गया है. भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बोला कि इस समय हिंदुस्तान की राजनीति के चिर युवा नेता, जो गुजरात चुनाव के दौरान संभवतः एक भी सभा करने के लिए गुजरात नहीं गए और जो कांग्रेस पार्टी पार्टी के 140 साल के इतिहास के सर्वाधिक असफल अध्यक्ष हैं, वो गुजरात कांग्रेस पार्टी में कामयाबी का मूलमंत्र सिखाने के लिए कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे.
त्रिवेदी ने बोला कि ये कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मुद्दा है, लेकिन उनके द्वारा दिए गए बयान निश्चित रूप से एक बार फिर कांग्रेस पार्टी की आंतरिक दुर्गति और राहुल गांधी की विचित्र मनोस्थिति को इंगित करता है. उन्होंने बोला कि पीएम और सरकारी एजेंसियों और मीडिया को गुनाह देते-देते राहुल गांधी ने अब अपनी ही पार्टी के नेताओं को गुनाह देना प्रारम्भ कर दिया है. मैं उन्हें सुझाव देना चाहूंगा कि वे थोड़ा आत्मचिंतन करें. यह कांग्रेस पार्टी की खराब स्थिति और राहुल गांधी की मानसिकता को दर्शाता है. राहुल गांधी ने बोला कि कांग्रेस पार्टी में 2 प्रकार के लोग हैं, कोई इससे मिला हुआ है कोई उससे मिला हुआ है. अपनी पार्टी के लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का ऐसा उदाहरण कहीं देखने को नहीं मिलेगा.
सवाल करते हुए बीजेपी नेता ने बोला कि हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि आप किस किस से मिले हुए हैं और आप जब विदेश जाते हैं, तो किस किस से मिलकर आते हैं और आपके साथ मिलने वाले लोग किस किस से मिले हुए हैं. जबसे सोनिया जी और राहुल जी का दौर आया है, तबसे ही कांग्रेस पार्टी की स्थिति गुजरात में अधिक खराब हुई है. उन्होंने बोला कि गुजरात में पीएम नरेन्द्र मोदी जी ने सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनवाई. लेकिन आज तक कांग्रेस पार्टी या गांधी परिवार का कोई भी नेता वहां नहीं गया. ये इस बात के प्रमाण है कि अपने नेताओं के प्रति भी इनका सम्मान बदल जाता है.
आपको बता दें कि अहमदाबाद में राहुल गांधी ने आज बोला था कि गुजरात का नेतृत्व, गुजरात के कार्यकर्ता, गुजरात के जिला अध्यक्ष (कांग्रेस), ब्लॉक अध्यक्ष, इनमें दो तरह के लोग हैं, विभाजन है. एक, जो जनता के साथ खड़े होते हैं, जनता के लिए लड़ते हैं, जनता का सम्मान करते हैं और जिनके दिल में कांग्रेस पार्टी पार्टी की विचारधारा है और दूसरे वो जो जनता से कटे हुए हैं, दूर-दूर बैठते हैं, जनता का सम्मान नहीं करते और उनमें से आधे बीजेपी में चले गए हैं, जब तक हम इन दोनों को साफ रूप से अलग नहीं करते, गुजरात की जनता हम पर विश्वास नहीं कर सकती.