बीजिंग, चीन की राजधानी पेइचिंग में शनिवार को 14वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के तीसरे सत्र का दूसरा पूर्णाधिवेशन आयोजित हुआ. इस बैठक में एनपीसी स्थायी समिति, सर्वोच्च जन कोर्ट और सर्वोच्च जन प्रोक्यूरेटोरेट की कार्य रिपोर्टें पेश की गईं और उन पर विचार-विमर्श हुआ. इस अहम सत्र में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, पीएम ली छ्यांग समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे.
एनपीसी स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लेची ने कार्य रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि पिछले वर्ष समिति ने संविधान के पालन और नज़र को मजबूत किया और चीनी विशेषताओं वाली समाजवादी कानूनी प्रणाली में सुधार किए.
उन्होंने कहा कि 2024 में कुल 39 विधेयकों की समीक्षा की गई, जिनमें से 24 को पारित किया गया, इनमें 6 नए कानून, 14 कानूनों में संशोधन और 4 जरूरी कानूनी निर्णय शामिल हैं. इसके अलावा, समिति ने पर्यवेक्षी शक्तियों का कारगर इस्तेमाल करते हुए सरकारी नज़र प्रणाली को मजबूत किया और जनता के प्रतिनिधियों को अपने कर्तव्यों को निभाने में पूरा योगदान दिया. विदेशी संबंधों को और अधिक एक्टिव बनाने और कानूनी प्रक्रियाओं में सुधार लाने पर भी बल दिया गया.
चाओ लेची ने इस वर्ष के लिए समिति की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले कानूनों को बनाना, नज़र प्रबंध को और बेहतर बनाना, अंतर्राष्ट्रीय योगदान को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं.
उधर, चीनी सर्वोच्च जन कोर्ट के अध्यक्ष चांग च्युन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2024 में कोर्ट ने अपने कानूनी दायित्वों को ईमानदारी से निभाया और विभिन्न क्षेत्रों में गौरतलब प्रगति की.
उन्होंने कहा कि बीते वर्ष सर्वोच्च जन कोर्ट ने 34,898 मुद्दे स्वीकार किए और 32,539 मामलों का निपटारा किया, दोनों संख्या वर्ष 2023 की तुलना में क्रमशः 65.5 और 82.2 अधिक थी. देशभर की अदालतों में कुल 4.6 करोड़ से अधिक मुद्दे दर्ज हुए और लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी किया गया.
वहीं, सर्वोच्च जन प्रोक्यूरेटोरेट के अध्यक्ष यिंग योंग ने कहा कि 2024 में अभियोजन प्रणाली ने भी जरूरी उपलब्धियां हासिल की. देशभर में अभियोक्ता निकायों ने विभिन्न प्रकार के कुल 40 लाख 99 हजार 600 मामलों को निपटाया, जिनमें से 8,980 मुद्दे सर्वोच्च जन प्रोक्यूरेटोरेट द्वारा देखे गए.