इस्लामाबाद: पाक चीन को अपना दोस्त बताता है, लेकिन चीन अपने नागरिकों की मृत्यु का हर्जाना तक पाक से वसूल कर लेता है. यह दर्शाता है कि दोनों राष्ट्रों के संबंध कितने मजबूत हैं. पाक हमेशा पैसों के लिए दूसरे देशों के सामने कटोरा लिए खड़ा रहता. चीन से भी पाक को पैसों की आवश्यकता हैं. अब ऐसे समय में पाक के पीएम शहबाज शरीफ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के मकसद से चीन का पांच दिवसीय दौरा करेंगे. विदेश कार्यालय ने पीएम शरीफ के चीन दौरे को लेकर जानकारी दी है.
सीपीईसी परियोजना पर होगी बात
चीन पाक का सदाबहार सहयोगी रहा है. चीन ने पाक में अरबों $ का निवेश कर रखा है. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना भी इसी निवेश का हिस्सा है. विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बोला कि शरीफ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर चार से आठ जून तक चीन की यात्रा करेंगे. इस यात्रा का उद्देश्य सीपीईसी परियोजना के अनुसार योगदान को बढ़ाना है, क्योंकि दोनों पक्ष परियोजना के दूसरे चरण को करने के लिए उत्सुक हैं.
पीएम शरीफ ने की बैठक
सीपीईसी की आरंभ एक दशक पहले हुई थी. पीएम शरीफ ने अपनी आनें वाले चीन यात्रा के मद्देनजर शुक्रवार को इस्लामाबाद में एक बैठक की. बैठक में पीएम शरीफ ने चीनी कंपनियों को पाक में उद्योग स्थापित करने को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि पाक चीनी उद्योगपतियों और निवेशकों को हर संभव सुविधा प्रदान करेगा.
पीएम के साथ होगा प्रतिनिधिमंडल
रेडियो पाक की समाचार के मुताबिक पाकिस्तानी पीएम की यात्रा के दौरान उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी होगा जिसमें राष्ट्र के उद्योगपति, निवेशक शामिल होंगे. इस बीच, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक समाचार में कहा गया है कि गवर्नमेंट ने सीपीईसी के अनुसार दो अरब अमेरिकी $ की लागत से एक और सड़क परियोजना के निर्माण को स्वीकृति दे दी है. इससे पीएम शरीफ की बीजिंग यात्रा के दौरान इसकी रूपरेखा से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर का मार्ग प्रशस्त हो गया है. सीपीईसी के अनुसार अब तक हुए 28 अरब अमेरिकी $ के निवेश में से 6.7 अरब अमेरिकी $ का निवेश बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया गया है.