ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी ने मंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। एडप्पादी पलानीस्वामी ने उदयनिधि से एक करोड़ 10 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है, जो उनके खिलाफ मानहानि फैलाने के उद्देश्य से टिप्पणियां कर रहे हैं।
विशेष परियोजना कार्यान्वयन मंत्री उदयनिधि स्टालिन हाल ही में अन्नाद्रमुक और बीजेपी की आलोचना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्टालिन ने पहले विपक्ष के नेता एडप्पादी पलानीस्वामी के खिलाफ आलोचना की थी। अब स्टालिन ने वह काम अपने बेटे उदयनिधि को दे दिया है। उदयनिधि इंटरव्यू और रिपोर्ट के जरिए विपक्षी पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं।
क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने? आपको बता दें कि स्टालिन ने सनातन धर्म पर अपने भाषण पर विवाद के बाद युवा कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में एडप्पादी पलानीस्वामी की भी आलोचना की थी। कहा था कि एडप्पादी जो घर में सुरक्षित रूप से रखी किताबों से सनातनम का अर्थ ढूंढ रहे हैं, आप कोडनाड हत्या-डकैती के मामलों और भ्रष्टाचार के मामलों से बचने के लिए बकरी की दाढ़ी के पीछे लंबे समय तक नहीं जा सकते। उदयनिधि स्टालिन ने यह भी कहा था कि जब एक दिन बकरी गायब हो जाए तो याद रखना कि तुम क्या बनने वाले हो।
एडप्पादी ने मांगा 10 लाख रुपए का मुआवजा एडप्पादी पलानीस्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि कोडानाड-हत्या मामले के संबंध में मानहानिकारक रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें एक करोड़ 10 लाख रुपए का मुआवजा देना चाहिए। सुनवाई अगले हफ्ते होने की उम्मीद है।