इस वर्ष भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाता है। इस वर्ष 6 सिंतबर को जन्माष्टमी मनाया जाएगा। इस अवसर पर ईश्वर कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में लड्डू गोपाल को रखने के विशेष नियम हैं। यदि आप भी इस वर्ष जन्माष्टमी पर घर पर लड्डू गोपाल को स्थापित करना चाहते हैं तो इससे पहले घर में लड्डू गोपाल को रखने का ठीक नियम जरूर जान लें। चलिए जानते हैं…
लड्डू गोपाल की सेवा: लड्डू गोपाल को कान्हा का बाल स्वरूप माना जाता है। इसलिए लड्डू गोपाल की नवजात शिश की तरह पालन-पोषण करने की परंपरा है। मंदिर में बाल गोपाल को स्थापित करने से लड्डू गोपाल जी परिवार के एक सदस्य बन जाते हैं। जिनका परिवार की सदस्यों की तरह ही देखभाल करना जरूरी हैं। इसलिए लड्डू गोपाल रखने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।
नियमित स्नान कराएं: मौसम के अनुसार, लड्डू गोपाल को प्रतिदिन ठंडे या गुनगुने पानी से स्नान कराएं। स्नान कराते समय शंख का इस्तेमाल करें। इसके बाद उन्हें तुलसी की पत्तियां अर्पित करें।
साफ कपड़ें पहनाएं: स्नान कराने के बाद प्रतिदिन उन्हें साफ कपड़े पहनाएं। उनको चंदन का टीका लगाएं और उनका श्रृंगार करें। साथ ही मौसम के मुताबिक लड्डू गोपाल के कपड़ों का भी चयन करें।
लड्डू गोपाल की पूजा करें: लड्डू गोपाल की सुबह-शाम श्रद्धापूर्वक पूजा करें। उनकी आरती उतारें और उन्हें माखन-मिश्री, बूंदी या मीठी चीज का भोग लगाएं।
भगवान को भोग लगाएं: अगर घर के मंदिर में लड्डू गोपाल विराजमान हैं तो प्रतिदिन लहसुन और प्याज रहित भोजन बनाएं और किचन में जो भी बनाएं, तो उन्हें भोग लगाना ना भूलें। घर में कोई चीज लाएं तो पहले बाल गोपाल को भोग लगाएं।
लड्डू गोपाल को घुमाने ले जाएं: लड्डू गोपाल की परिवार के सदस्यों की तरह देखभाल करें और उन्हें कभी-कभी बाहर घुमाने ले जाएं और उन्हें खिलौन अर्पित करें।
लड्डू गोपाल को सुलाएं: रात में लड्डू गोपाल को एक शिशु की तरह सुलाएं और उन्हें लोरी सुनाएं। साथ ही सुबह उन्हें प्यार से जगाएं।