बनारस से बरेली तक के बड़े शिवमन्दिर में योगी के मैनेजमेंट से शिव भक्त गदगद नजर आए. श्रद्धालुओं के उमड़ने वाले रेले को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन और प्रदेश के शिवालयों की व्यवस्था समिति पूरी तरह से मुस्तैद नजर आई. मार्गों का डायवर्जन करने के साथ ही शिव मंदिरों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती रही.
लखनऊ. सावन के पहले सोमवार पर प्रदेश के सभी प्रमुख शिवालयों में योगी गवर्नमेंट के बेहतरीन प्रबंधन की झलक देखने को मिली. मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ और कांवड़ यात्रियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में चाक-चौबंद प्रबंध कर रखी थी. शिव मंदिरों पर पुलिस के आला अधिकारी से लेकर कॉन्स्टेबल तक तैनात रहे.
बनारस से बरेली तक के बड़े शिवमन्दिर में योगी के मैनेजमेंट से शिव भक्त गदगद नजर आए. श्रद्धालुओं के उमड़ने वाले रेले को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन और प्रदेश के शिवालयों की व्यवस्था समिति पूरी तरह से मुस्तैद नजर आई. मार्गों का डायवर्जन करने के साथ ही शिव मंदिरों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती रही. यही नहीं अराजक तत्वों से निपटने के लिए मशहूर मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे का भी सहारा लिया गया.
इस बार सावन 59 दिन का है. इसे देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने हफ्तेभर पहले प्रदेश के सभी जिलों के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी, जिसमें उन्होंने सावन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण गाइड लाइन दिए थे. यही नहीं सावन के पहले ही दिन मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर प्रबंध का जायजा लिया था.
वाराणसी में विशेष व्यवस्था
सरकार ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के दर्शन को लेकर विशेष प्रबंध की. रेड कार्पेट पर श्रद्धालुओं के लिए पुष्प वर्षा की गई. कई जगहों पर एलईडी टीवी के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सजीव प्रसारण किया गया. इसके अतिरिक्त काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसके बाद भक्त भी निहाल हो गये.
सातों नाथ मंदिरों पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस उपस्थित रहीं
बरेली में भी प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया. जिले के शिव मंदिरों पर 200 प्रशिक्षु दरोगा और 200 हेड कांस्टेबल अलग से तैनात किए गए. स्त्री सिपाही भी हर शिवालय पर मुस्तैद रहीं. हाईवे पर पुलिस सहायता बूथ बनाए गए, रूट डायवर्जन भी लागू रहा. सातों नाथ मंदिरों पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस उपस्थित रहीं. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी आवश्यक दवाओं के साथ मौजूद रहें.
लखनऊ में भी चाक चौबंद व्यवस्था
सावन के पहले सोमवार पर राजधानी लखनऊ के 270 शिव मंदिरों पर पुलिस के आला अधिकारी से लेकर कॉन्स्टेबल तक की तैनाती की गई. लखनऊ के आठ फायर स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है जोकि सभी शिवालयों पर फायर उपकरणों के साथ उपस्थित रहे.
गाजियाबाद में 30 प्रतिशत अधिक पुलिस डेप्लॉयमेंट
पिछले 2 वर्षों तक कोविड रिस्ट्रिक्शंस की वजह से प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम आई थी. कोविड के बाद पड़े इस बार के सावन में प्रशासन को श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि का अनुमान था. इसको देखते हुए पूरे गाजियाबाद में 30 प्रतिशत अधिक पुलिस डेप्लॉयमेंट किया गया और जगह-जगह बैरिकेड की प्रबंध की गई. साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को देखते हुए भी विभिन्न तरह के व्यवस्था कर रखे थे.