नई दिल्ली। आज आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली बुलाई है. इस रैली के जरिए सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejeriwal) की केंद्र के अध्यादेश के विरूद्ध विपक्ष को एकजुट करने की पुरजोर प्रयास है. आज सीएम ने अपने संबोधन में बोला कि 12 वर्ष पहले इसी मैदान से करप्शन के विरूद्ध हुंकार भरी थी, अब वह एक बार फिर “तानाशाह गवर्नमेंट को इसी मैदान से उखाड़ फेंकने” का संकल्प लेते हैं.
वहीं आज केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े अध्यादेश को लेकर रविवार को केंद्र गवर्नमेंट पर निशाना साधा. उन्होंने बोला कि सबसे पहले दिल्ली पर ‘‘वार” हुआ और अन्य राज्यों के लिए भी इसी तरह के अध्यादेश लाए जाएंगे. रामलीला मैदान में आम आदमी पार्टी (आप) की ‘महा रैली’ को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बोला कि केंद्र का अध्यादेश दिल्ली के लोगों का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह अध्यादेश कहता है कि दिल्ली में प्रजातंत्र नहीं होगा.
आज ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “दिल्ली में तानाशाही होगी और उपराज्यपाल (एलजी) सर्वोच्च हैं. जनता जिसे चाहे वोट दे सकती है, लेकिन दिल्ली को केंद्र गवर्नमेंट ही चलाएगी.” उन्होंने कहा, “मैं देशभर में यात्रा कर रहा हूं और मैं दिल्ली के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि वे अकेले नहीं हैं. हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोग उनके साथ हैं.”
‘आप’ नेता ने दावा किया कि दिल्ली ‘‘वार का सामना करने वाला पहला शहर है” और वे राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लिए भी ऐसे अध्यादेश ले आएंगे. मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल ने बोला कि दोनों नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी में काम रुकवाने के लिए अरैस्ट किया गया. न्होंने कहा, “लेकिन हमारे पास 100 सिसोदिया, 100 जैन हैं. वे अच्छे काम जारी रखेंगे.”
पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जहां दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के आरोप में इस वर्ष फरवरी में अरैस्ट किया गया था, वहीं जैन को पिछले वर्ष मई में धनशोधन मुद्दे में अरैस्ट किया गया था. केजरीवाल ने कहा, “मैं प्रश्न करना चाहूंगा कि पीएम नरेन्द्र मोदी गुजरात के सीएम और फिर पीएम के रूप में लंबे समय से सत्ता में हैं, जबकि केजरीवाल की गवर्नमेंट आठ वर्ष से है, दोनों में से किसने लोगों के लिए अधिक काम किया है.”