पीएम मोदी ने आज रविवार को राष्ट्र को नया संसद भवन समर्पित कर दिया. इस दौरान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने हवन-पूजन करके कार्यक्रम की आरंभ की और उन्होंने लोकसभा में स्पीकर के आसन के निकट सेंगोल को स्थापित किया. इससे पहले उन्होंने सेंगोल को दंडवत प्रणाम किया. इस तस्वीर के सामने आने के बाद राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम की यादें ताजा हो गेन जब प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी इसी तरह से अस्थाई राम मंदिर के आगे दंडवत हो गए थे.
रामलला के समक्ष दंडवत हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी
स्पीकर के आसन के निकट सेंगोल को स्थापित करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि महान चोल साम्राज्य में कर्तव्यपथ, सेवापथ और राष्ट्रपथ का प्रतीक माना जाता था. यह हमारा सौभाग्य है कि हम पवित्र सेंगोल की गरिमा लौटा सके हैं. मुझे विश्वास है कि इससे हम सभी को कर्तव्यपथ, सेवापथ और राष्ट्रपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहेगी. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि हर राष्ट्र की विकास यात्रा में कुछ तारीखें इतिहास का अमिट हस्ताक्षर बन जाती हैं. अमृतकाल में 28 मई, 2023 का आज का यह दिन ऐसा ही एक शुभ अवसर है, जब हिंदुस्तान के लोगों ने अपने लोकतंत्र को संसद के नए भवन का उपहार दिया है.
यह राष्ट्र को नयी दिशा देने का अमृतकाल- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बोला कि संसद की नयी इमारत इस बात का जीवंत प्रतीक है कि 21वीं सदी का नया हिंदुस्तान गुलामी की सोच को पीछे छोड़, अपने प्राचीन गौरव और वैभव को तेजी से हासिल करने में जुटा है. उन्होंने बोला कि आजादी का ये अमृतकाल विरासत को सहेजते हुए, विकास को नए आयाम गढ़ने का अमृतकाल है. राष्ट्र को नयी दिशा देने का अमृतकाल है. अनंत सपनों को, असंख्य आकांक्षाओं को पूरा करने का अमृतकाल है.