Congress taunts on पीएम foreign tour: कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जी -7 शिखर बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी के शामिल होने को लेकर बढ़ा-चढ़ा कर बातें की जा रही हैं ताकि फर्जी विमर्श गढ़ा जा सके। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वाह-वाह करने से केवल शासन की निरंतरता और पूर्व की सरकारों के सहयोग को मिटाने का मकसद पूरा होता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘जी-7 शिखर बैठक में स्वयंभू विश्व गुरु के शामिल होने को लेकर उनके इर्द-गिर्द की ‘हाइप फैक्ट्री’ ने फर्जी विमर्श गढ़ना प्रारम्भ कर दिया है।’
‘डॉ मनमोहन सिंह भी G-7 की बैठकों में जाते थे’
जयराम रमेश ने केंद्र गवर्नमेंट पर तंज कसते हुए कहा, ‘वास्तविकता यह है कि विकसित राष्ट्रों की शिखर बैठक की आरंभ 1976 में हुई थी। हिंदुस्तान को कुछ अन्य राष्ट्रों के साथ सबसे पहले 2003 में इसमें आमंत्रित किया गया था। डॉ मनमोहन सिंह ‘जी 7 प्लस’ शिखर बैठक में नियमित शामिल हुए। इसलिए ऐसी वाह-वाह करने से न केवल ‘द ग्रेट लीडर’ के स्वयं के महिमामंडन का लक्ष्य पूरा होता है, बल्कि शासन की निरंतरता और पूर्व की सरकारों की सहयोग को मिटाने का मकसद भी पूरा होता है।’
6 दिन का विदेश दौरा
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी शुक्रवार को जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए जहां वह जी-7, क्वाड समूह सहित कुछ बहुपक्षीय शिखर सम्मेलनों में भाग लेंगे।
समझा जाता है कि इस यात्रा के दौरान पीएम 40 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे जिनमें वह शिखर सम्मेलनों में विश्व के दो दर्जन से अधिक नेताओं के साथ वार्ता करेंगे। इनमें द्विपक्षीय बैठकें भी शामिल हैं।
तीन राष्ट्रों की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान में पीएम मोदी ने बोला कि वह जी-7 राष्ट्रों और अन्य आमंत्रित साझेदारों के साथ दुनिया के सामने उपस्थित चुनौतियों और उनसे सामूहिक रूप से निपटने की आवश्यकता पर विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हैं।