ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी ने बोला कि दूसरी ओर विभिन्न राष्ट्रों में सहायता के लिए घूम रहे जेलेंस्की हाल में ब्रिटेन भी होकर आये. ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का स्वागत किया और युद्धग्रस्त यूरोपीय देश के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की.
प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में हमने इस हफ्ते ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी से जानना चाहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के ताजा हालात पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? इसके उत्तर में उन्होंने बोला कि मैं प्रारम्भ से ही कह रहा हूँ कि यह युद्ध अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की के हाथ में नहीं रह गया है. अब जेलेंस्की जी-7 बैठक के दौरान हिरोशिमा भी पहुँच रहे हैं जहां पीएम मोदी से भी उनकी मुलाकात होगी. पिछले महीने यूक्रेन विदेश विभाग की उप-मंत्री भी हिंदुस्तान दौरे पर आई थीं. रूस-यूक्रेन युद्ध प्रारम्भ होने के बाद मोदी की जेलेंस्की से यह पहली मुलाकात होगी हालांकि दोनों नेताओं के बीच कई मौकों पर टेलीफोन पर बात हो चुकी है. उन्होंने बोला कि इसके अतिरिक्त अमेरिका की पेट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर रूस ने दिखा दिया है कि अमेरिका के हर हथियार की काट उसके पास है. अब तक माना जाता था कि पेट्रियट सिस्टम अभेद्य है. अमेरिका ने अब मान लिया है कि रूसी हमले में पेट्रियट सिस्टम को हानि पहुँचा है. इस घटना के बाद से अमेरिका और उसके सहयोगी नाटो राष्ट्र भी चिंतित हैं क्योंकि रूस की इस अपार शक्ति का अंदाजा किसी को नहीं था.
ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) श्री डीएस त्रिपाठी ने बोला कि दूसरी ओर विभिन्न राष्ट्रों में सहायता के लिए घूम रहे जेलेंस्की हाल में ब्रिटेन भी होकर आये. ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का स्वागत किया और युद्धग्रस्त यूरोपीय देश के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की. ब्रिटेन चौथा यूरोपीय राष्ट्र है जिसकी पिछले कुछ दिन में जेलेंस्की ने यात्रा की है. जर्मनी और इटली की यात्रा के बाद उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलने के लिए पेरिस की एक अघोषित यात्रा की थी. जर्मनी और इटली की यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं और पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी. उन्होंने बोला कि ‘डाउनिंग स्ट्रीट’ (ब्रिटेन में पीएम आवास) के अनुसार, जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं के साथ उनकी बैठकों के बारे में सुनक को जानकारी दी. यह यात्रा आइसलैंड में ‘काउंसिल ऑफ यूरोप समिट’ से पहले हुई. उन्होंने बताया कि सुनक ने बोला कि यह, भयावह युद्ध में यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई में एक जरूरी क्षण है।। (ऐसा युद्ध) जिसके लिए उन्होंने नहीं उकसाया. उन्हें ताबड़तोड़ हमलों से बचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लगातार समर्थन की जररूत है जो (हमले) एक साल से अधिक समय से उनकी रोजमर्रा की जीवन की वास्तविकता रहे हैं. सुनक ने बोला कि हमें उन्हें निराश नहीं करना चाहिए. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त सुनक ने बोला कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध की सीमाएं भले ही यूक्रेन तक सीमित हो सकती हैं, लेकिन इसके रिज़ल्ट पूरी दुनिया में दिखेंगे. यह सुनिश्चित करना हमारे भलाई में है कि यूक्रेन सफल हो और पुतिन की बर्बरता असफल हो.