नई दिल्ली: भारत ने स्वीकार किया है कि चीन के साथ उसके संबंध ‘जटिल’ हैं, जबकि हिंदुस्तान ने पाक के साथ संबंधों को सामान्य करने के नयी दिल्ली के प्रयासों के बावजूद लगातार सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए उसकी आलोचना की. वर्ष 2022 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय हिंदुस्तान की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर शांति भंग करने के प्रयासों के लिए अपने दोनों पड़ोसी राष्ट्रों की आलोचना करता रहा है.
रिपोर्ट में बोला गया है, “चीन के साथ हिंदुस्तान का जुड़ाव जटिल है. अप्रैल-मई 2020 से प्रारम्भ होने वाले पश्चिमी क्षेत्र में असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ यथास्थिति में एकतरफा परिवर्तन करने के चीनी प्रयासों ने एलएसी के साथ शांति को भंग कर दिया है. भारतीय सशस्त्र बलों ने इनका सामना किया है.”
इसमें आगे बोला गया है कि विदेश मंत्री ने अपने समकक्ष को अवगत कराया है कि सामान्य स्थिति की बहाली के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति की बहाली की जरूरत होगी. इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि भारत-चीन संबंध तीन आपसी-आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित. एलएसी के साथ शेष मुद्दों को हल करने के लिए दोनों पक्ष राजनयिक (जून 2020 से परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 11 बैठकें) और सेना चैनलों (जून 2020 से वरिष्ठ सर्वोच्च सेना कमांडर (एसएचएमसी) की 17 बैठकें) के माध्यम से जुड़े हुए हैं.
भारत करता है अच्छे रिश्तों की पहल, हरकतों से बाज नहीं आता पाक
पाकिस्तान पर वार्षिक रिपोर्ट में बोला गया है कि हिंदुस्तान पाक के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की ख़्वाहिश रखता है. हिंदुस्तान की लगातार स्थिति यह है कि हिंदुस्तान और पाक के बीच कोई भी मुद्दा, यदि कोई हो, तो उसे आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए. यह जिम्मेदारी है. हालांकि, पाक हिंदुस्तान के विरूद्ध सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करना जारी रखता है, सामान्य व्यापार, कनेक्टिविटी और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान को प्रतिबंधित करता है.
इसमें यह भी बोला गया है कि पाक हिंदुस्तान को बदनाम करने और अपनी घरेलू सियासी और आर्थिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए शत्रुतापूर्ण और मनगढ़ंत प्रचार में लगा हुआ है. हिंदुस्तान ने उन मामलों पर पाक के सभी कार्यों और बयानों को पूरी तरह से और साफ तौर पर खारिज कर दिया है जो हिंदुस्तान के लिए पूरी तरह से आंतरिक हैं.
कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न अंग, पाक करता है हथियारों की गैर कानूनी तस्करी
रिपोर्ट में बोला गया है, “देशों के बीच एक बड़ी समझ है कि जम्मू और कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न अंग है और इससे संबंधित मुद्दे हिंदुस्तान के लिए आंतरिक हैं. हिंदुस्तान के लगातार आग्रह के बावजूद कि पाक जनवरी 2004 की अपनी मिट्टी या क्षेत्र को अपने अधीन नहीं करने की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करता है. हिंदुस्तान के विरूद्ध आतंकवाद के लिए उपयोग किए जाने वाले नियंत्रण, सीमा पार आतंकवाद, घुसपैठ और नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार हिंदुस्तान में हथियारों की गैर कानूनी स्मग्लिंग में कोई कमी नहीं आई है.”
आगे बोला गया है, “पाकिस्तान ने 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के परिवारों को न्याय दिलाने में अभी तक ईमानदारी नहीं दिखाई है. हिंदुस्तान ने सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए विश्वसनीय, अपरिवर्तनीय और सत्यापन योग्य कार्रवाई करने के लिए पाक की जरूरत पर लगातार जोर दिया है.