एक अमेरिकी बैंक ने चेतावनी दी है कि यदि पाक को जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से फंडिंग नहीं मिली तो उसे ऋण चुकाने से रोकना होगा क्योंकि वह आर्थिक तौर पर कंगाल हो जाएगा. वाशिंगटन में राजनयिक हलकों ने संकेत दिया है कि इस्लामाबाद आईएमएफ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब है. इसी बीच बैंक ने ये चेतावनी जारी की है. पाक को जून 2023 तक तीन अरब $ का विदेशी कर्ज चुकता करना है.
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट में बोला गया है कि हालांकि, रिपोर्ट तैयार करने वाली बैंक ऑफ अमेरिका की टीम ने यह भी बोला कि करीबी सहयोगी राष्ट्र चीन अपने घनिष्ठ संबंधों के कारण पाक को बचा सकता है.
रिपोर्ट में बोला गया है कि बैंक के जानकारों की टीम, जिसमें इसके अर्थशास्त्री कैथलीन ओह शामिल हैं, ने लिखा: “चीन के पास निकट समय में राहत की कुंजी है क्योंकि यह सबसे बड़ा देनदार है. चीन और पाक के बीच घनिष्ठ संबंध ये आशा बढ़ा रहे हैं कि चीन अपने लंबे समय के सहयोगी को पीछे से सहायता कर सकता है.”
उधर, ब्लूमबर्ग समाचार एजेंसी, जिसने सोमवार को बैंक के मूल्यांकन की सूचना दी, ने भी अर्थशास्त्री कैथलीन ओह को यह कहते हुए उद्धृत किया कि “जब तक IMF पाक को भुगतान नहीं कर देता है, तब तक moratorium (अधिस्थगन) की स्थिति अपरिहार्य लगती है.”
कैथलीन ने यह भी बोला कि IMF टीम की पाक ऑफिसरों से हुई वार्ता के कई सप्ताह बाद भी अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पाक को कब तक ऋण की अगली किश्त जारी करेगा. बता दें कि पाक ने इस लोन को पाने के लिए आईएमएफ की कई शर्तों को मानने के लिए कई तरह के टैक्स और महंगाई का बोझ लोगों पर लादे हैं.
इस बीच पाक के वित्त सचिव हामिद याकूब शेख ने पिछले गुरूवार को मीडिया को भरोसा दिलाया था कि अगले कुछ हफ्तों में IMF से ऋण की किश्त जारी हो जाएगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है.