मारियुपोल (Mariupol) में आखिरी ठिकाने की रक्षा करने वाले यूक्रेन (Ukraine) के सैकड़ों सैनिकों को रूस (Russia) समर्थित अलगाववादियों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में ले जाया गया है और अधिकारी बाकियों को भी मंगलवार को निकालने में लगे रहे. स्टील प्लांट (Steel Plant) से सैनिकों की निकासी के साथ शहर में यह घेराबंदी की समापन का संकेत हो सकता है जो यूक्रेन के प्रतिरोध का प्रतीक बन चुका है. रूस ने अभियान को सामूहिक सेरेण्डर बोला है. वहीं, यूक्रेन ने इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन बोला कि उसका अभियान पूरा हो चुका है.
मारियुपोल शहर में यूक्रेन के सैनिकों के आखिरी गढ़ एक स्टील प्लांट से सोमवार को 260 से अधिक सैनिकों को निकाला गया जिनमें से अधिकांश घायल थे. दोनों पक्षों के ऑफिसरों ने बोला कि इन सैनिकों को अलगाववादियों के कब्जे वाले दो शहरों में ले जाया गया है. कुछ सैनिक अब भी अजोवस्तल स्टील प्लांट में हैं जिनकी संख्या के बारे में पता नहीं है. यह प्लांट 11 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है.
मारियुपोल शहर पर रूसी सैनिकों का कब्जा
अब इस स्टील प्लांट को छोड़कर समूचे मारियुपोल शहर पर रूसी सैनिकों का अतिक्रमण हो चुका है. स्टील प्लांट पर पूर्ण अतिक्रमण एक जरूरी मील का पत्थर होगा. यह रूस को युद्ध की अब तक की सबसे बड़ी जीत दिलाएगा और पूर्वी यूक्रेन के औद्योगिक गढ़ में कहीं और आक्रामक कार्रवाई के लिए सैन्य बलों को पहुंचाने में सहायता कर सकता है.
यूक्रेन को जिंदा रहने के लिए अपने नायकों की जरूरत-जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, ‘‘यूक्रेन को जिंदा रहने के लिए अपने नायकों की आवश्यकता है. यह हमारा सिद्धांत है.’’ उन्होंने बोला कि गोलाबारी में तबाह हो चुके संयंत्र से निकासी का काम जारी है. जेलेंस्की ने कहा, ‘‘उनमें से कई सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं. उन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही है. उन्हें घर लाने का काम जारी है और इसके लिए संवेदनशीलता एवं समय की आवश्यकता है.’’ यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हन्ना मलियार ने बोला कि 260 से अधिक सैनिकों को संयंत्र से निकाला गया जिनमें से 53 गंभीर रूप से घायल थे. वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने बोला कि 265 सैनिक निकाले गए जिनमें से 51 गंभीर रूप से घायल थे. (भाषा)