विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप में मंकीपॉक्स (Monkeypox ) को और फैलने से रोकने के लिए ‘तत्काल’ कार्रवाई करने का आह्वान किया है। संयुक्त देश की अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी ने बोला कि पिछले दो हफ्तों में महाद्वीप में मुद्दे तीन गुना बढ़ गए हैं। हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ नेटवर्क ने मंकीपॉक्स वायरस को महामारी घोषित किया था, हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अभी इसे महामारी मानने से इनकार किया है। 15 जून के बाद से यूरोप में संक्रमण के मामलों में 3 गुना वृद्धि हुआ है। 6 मई को ब्रिटेन में इसका पहला मुकदमा मिलने के बाद पूरे यूरोप में अब तक लगभग 5,000 से अधिक मुकदमा दर्ज किए जा चुके हैं।
इतने रोगियों की हुई पहचान
इन राष्ट्रों में इतने मामले
मंकीपॉक्स के यूरोप में 5,262, उत्तरी अमेरिका में 692, साउथ अमेरिका में 92, एशिया में 64, अफ्रीका में 35 और ओशिनिया में 12 मुद्दे सामने आ चुके हैं। वहीं, मंकीपॉक्स से ग्रस्त टॉप 10 राष्ट्रों में ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पुर्तगाल, कनाडा, नीदरलैंड्स, इटली और बेल्जियम शामिल हैं।
लंदन में 54 रोगियों की जांच
लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में वैज्ञानिकों ने लंदन में रहने वाले मंकीपॉक्स के 54 रोगियों की जांच की। ये सभी होमसैक्सुल थे। इनमें से सिर्फ 2 रोगियों को अंदाजा नहीं था कि वे किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं।
मंकीपॉक्स में लगानी होगी लगाम
WHO के यूरोप क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक हंस हेनरी क्लुज ने बोला कि मैं सरकारों और नागरिक समाज के लिए आने वाले हफ्तों और महीनों में प्रयासों को तेज करने के लिए अपने आह्वान को तेज कर रहा हूं, ताकि मंकीपॉक्स को बढ़ते भौगोलिक क्षेत्र में स्वयं को स्थापित करने से रोका जा सके।
यूरोप सबसे अधिक प्रभावित
उन्होंने बोला कि तुरन्त और समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण है, यदि हम इस रोग के प्रसार को रोकना चाहते हैं। अधिकतर राष्ट्र जहां मंकीपॉक्स के मुद्दे में हजारों में पहुंच गए हैं, वे यूरोप में हैं। वहीं, इस हफ्ते की आरंभ में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने बोला कि वह मंकीपॉक्स वायरस के लगातार ट्रांसमिशन से चिंतित हैं।