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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। बता दें कि, अफगानिस्तान में ड्रग रिहैब सेंटर्स में मरीज मानव मांस खा रहे है। डेनमार्क के एक पत्रकार ने हाल ही में ऐसा दावा किया है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेनिश पत्रकार ने पिछले महीने एक रिहैब सेंटर से रिहा हुए एक शख्स से बात की थी। उस व्यक्ति ने दावा किया कि तालिबान द्वारा संचालित पुनर्वसन केंद्र के अंदर का माहौल भयानक था। मरीजों को ठीक से खाने की अनुमति नहीं है। उन्हें ज्यादातर दिन भूखे रहना पड़ता है। मरीजों के स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कई लोग उचित इलाज के बिना मर रहे हैं।
अब्दुल नाम के मरीज ने दावा किया कि रिहैब सेंटर में हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। बता दें कि, बिना भोजन के मरीज तेजी से हिंसक होते जा रहे हैं। अब्दुल का दावा है कि हाल ही में कुछ लोगों ने एक शख्स की हत्या कर उसका मांस खाया है। मरीजों ने बीच के एक पार्क में एक बिल्ली को पकड़ कर उसका कच्चा मांस भी खा लिया। काबुल में ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रमुख सीज़र गुड्स ने कहा कि तालिबान ने अफीम का उत्पादन बढ़ाया है। जिसके कारण दवाओं की कीमत में और कमी आई है।संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में बढ़ते अवैध अफीम और हेरोइन की खेती से अधिक से अधिक लोग नशे के आदी हो रहे हैं। साल 2017 में अफगानिस्तान ने दुनिया में अकेले अफीम की 80 फीसदी से अधिक आपूर्ति की थी।