तालिबान के पास हथियारों की कमी नहीं है. लेकिन चीन अब उसे ऐसे हथियार दे रहा है जिसे तालिबानी दूर रहकर भी आतंक के अड्डों को तबाह कर सकते हैं. अफगानिस्तान में अपने नागरिकों की रक्षा के नाम पर चीन तालिबान को अत्याधुनिक हथियार दे रहा है.
पाकिस्तान के आतंकवादियों का पक्ष लेने वाला चीन स्वयं अब आतंकवादियों से डरा हुआ है.चीन ने आईएसआईएस खुरासान को समाप्त करने के लिए तालिबान की ताकत बढ़ाने का निर्णय लिया है. तालिबान को चीन अब खतरनाक हथियार दे रहा है ताकी वो आईएसआईएस खुरासान के आतंकवादियों का सफाया कर सरे. चीन को डर है कि आतंकवादियों की वजह से पाक और अफगानिस्तान में चाइनीज प्रोजेक्ट असफल हो सकते हैं. चीन ने तालिबान की गवर्नमेंट को मजबूत बनाने के लिए हथियारों की सप्लाई प्रारम्भ की है. चीन का मकसद तालिबान को इतना शक्तिशाली बनाना है कि वो आईएसआईएस खुरासान को कुचल सके.