148चीन चांद के ऊपर पूरा कंट्रोल चाहता है. नासा की तरफ से दावा किया गया है कि चीन स्पेस में दूसरे राष्ट्रों के सैटेलाइट को नष्ट करना चाहता है. जर्मन अखबार बिल्ड में नासा के एडमिस्ट्रेटर बिल निल्सन ने ये खुलासा किया है.
अंतरिक्ष क्षेत्र बहुत ही जरूरी और विशाल आयाम आने वाले वॉर वेयर के अंदर होने वाला है. इस वजह से विश्व के सुपर पावर देश अपने-अपने ढंग से यहां अपना आधिपत्य जमाने की कोशि कर रहे हैं. इसी कड़ी में नासा ने चीन के स्पेस मिशन को एक मिलिट्री प्रोग्राम बताया है. चीन चांद के ऊपर पूरा कंट्रोल चाहता है. नासा की तरफ से दावा किया गया है कि चीन स्पेस में दूसरे राष्ट्रों के सैटेलाइट को नष्ट करना चाहता है. जर्मन अखबार बिल्ड में नासा के एडमिस्ट्रेटर बिल निल्सन ने ये खुलासा किया है. बिल निल्सन की तरफ से किए दावे पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक चीन अपने स्पेस स्टेशन में दूसरे राष्ट्रों के सैटेलाइट को उड़ाए जाने को लेकर रिसर्च कर रहा है. चांद के साउथ पोल पर पानी के भंडार से वहां रॉकेट फ्यूल बनाया जा सकता है. इसी पर पूरी दुनिया की नजर है. अमेरिका चीन को दुनिया का सबसे बड़ा साइबर खतरा मानता रहा है. अब स्पेस में भी अमेरिका चीन को सबसे बड़ी मिलिट्री खतरा मान रहा है. आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले ये समाचार आई थी कि चांद के ऊपर दो स्थान रॉकेट के गढ्डे बने थे. उसे खारिज कर दिया गया कि ये रॉकेट हमला नहीं है और इस पर जांच भी नहीं हुई. चीन जिस तरह से मिसाइल सिस्टम बना रहा है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने आरोपों का उत्तर देते हुए बोला कि यह पहली बार नहीं है, जब यूएस नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने तथ्यों की अनदेखी की है और चीन के बारे में गैर-जिम्मेदाराना बात की है. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी पक्ष ने चीन के सामान्य और उचित बाहरी अंतरिक्ष प्रयासों के विरूद्ध लगातार अभियान चलाया है और चीन इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों का कड़ा विरोध करता है