लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे सामने आने के बाद जीत-हार को लेकर हर स्थान मंथन का दौर जारी है. हर कोई चकित है कि आखिर अयोध्या जैसी सीट पर बीजेपी को क्यों शिकस्त मिली. इसी बीच अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह के हारने को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने बड़ा बयान दिया है.
जगतगुरु परमहंस आचार्य ने मीडिया से बात करते हुए बोला कि अयोध्या में बीजेपी हारी नहीं है, इसके पीछे एक रहस्य है. बीजेपी ने जानबूझकर अयोध्या की सीट छोड़ी है. इसका कारण यह था कि गठबंधन ने यहां से एक दलित आदमी को टिकट दिया था. जो अत्यंत बुजुर्ग हैं, इतने बुजुर्ग हैं कि ये समझिए कि उनका वर्ष और 6 महीने चलना कठिन है. बीजेपी में बुजुर्गों और दलितों का सम्मान सर्वोपरि है.
उन्होंने रामायण का जिक्र करते हुए बोला कि मर्यादा पुरुषोत्तम ईश्वर श्रीराम के समय रामराज था. उस समय ईश्वर राम प्रत्येक आदमी की समाचार रखते थे, चारों तरफ देखते थे, किसी को कोई कष्ट तो नहीं है. उस समय पता चला है कि एक दलित ने बोला था, मैं चाहता हूं ईश्वर राम सीता का परित्याग कर दें. तो, प्रभु श्रीराम ने सीता का परित्याग कर दिया था. उस समय मंथरा ने बोला था कि ईश्वर राम को 14 वर्ष के लिए वनवास पर जाना चाहिए. उन्हें जब यह पता चला था कि मंथरा ने बोला है जो कि एक दलित स्त्री थी तो प्रभु श्रीराम खुशी-खुशी 14 वर्ष के लिए वन चले गए. माता शबरी के जूठे बेर भी खाए.
परमहंस आचार्य ने आगे बोला कि बीजेपी अयोध्या की सीट हारी नहीं है. इसको नरेंद्र मोदी ने जानबूझकर एक बुर्जुग और दलित के सम्मान में छोड़ दी है. मैं आपको अंदर की एक बात बताता हूं कि अयोध्या में बीजेपी कार्यकर्ता लल्लू सिंह कहते थे कि इस बार यहां पर दलित के सम्मान पर वोट देना चाहिए. यह एक बड़ी बात है और यही रामराज है, लोग इस बात को समझेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि नरेंद्र मोदी का चरित्र कितना बड़ा है, उनका दलित, गरीब और किसानों के प्रति कितना प्रेम है, उतना और किसी के अंदर नहीं हो सकता है. यहां बीजेपी हारी नहीं है, यहां से जीतने वाले प्रत्याशी इतने बुर्जुग हैं. आगे जब चुनाव होंगे तो बीजेपी यहां लाखों वोट से जीतेगी.
बता दें कि अयोध्या से सपा के अवधेश प्रसाद ने बीजेपी के दो बार के सांसद लल्लू सिंह को 54,567 वोटों से हराया है. वहीं, बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह को 4 लाख 99 हजार 722 वोट प्राप्त हुए.