भारत ने प्रत्यर्पण के लिए राणा की अस्थायी गिरफ्तारी की मांग करते हुए 10 जून 2020 को कम्पलेन दर्ज कराई थी. राणा के हिंदुस्तान प्रत्यर्पण को 17 मई को अमेरिकी न्यायालय ने स्वीकृति दे दी थी.
अमेरिका की जो बाइडन गवर्नमेंट ने कैलिफोर्निया के एक न्यायालय को मुंबई हमलों की षड्यंत्र में शामिल तहव्वुर राणा की अर्जी अस्वीकार करने का आग्रह किया है. अमेरिका ने बोला है कि तहव्वुर को हिंदुस्तान को सौंपना चाहिए. न्यायालय ने राणा को हिंदुस्तान भेजने की स्वीकृति दी है जिसके विरूद्ध उसने अर्जी दी है. राणा इस समय लॉस एंजिलिस स्थित मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर में हिरासत में हैं. हिंदुस्तान ने प्रत्यर्पण के लिए राणा की अस्थायी गिरफ्तारी की मांग करते हुए 10 जून 2020 को कम्पलेन दर्ज कराई थी. राणा के हिंदुस्तान प्रत्यर्पण को 17 मई को अमेरिकी न्यायालय ने स्वीकृति दे दी थी. 2011 में, उसे आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा को सामग्री सहायता प्रदान करने के लिए अमेरिका में दोषी ठहराया गया था. हालाँकि, उन्हें 2008 के मुंबई हमले के संबंध में षड्यंत्र के आरोप में दोषी नहीं पाया गया था.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने राणा के हिंदुस्तान प्रत्यर्पण का समर्थन किया था और उसे स्वीकृति दी थी. कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी वकील ई मार्टिन एस्ट्राडा ने अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट न्यायालय के समक्ष पंजीकृत अभिवेदन में कहा, ‘अमेरिका निवेदन करता है कि न्यायालय राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका को अस्वीकार कर दे.
तहव्वुर राणा कौन है?
62 वर्ष का राणा हेडली का बचपन का दोस्त था. डेविड हेडली के नाम से तो आप सभी परिचित होंगे. यदि नहीं हैं तो संक्षेप में आपको बता देते हैं. हेडली एक अमेरिकी नागरिक है, उसके पिता पाक जबकि मां अमेरिका की निवासी रही हैं. अक्टूबर 2009 में अमेरिकी ऑफिसरों द्वारा अरैस्ट किया गया. मुंबई हमलों में शामिल होने के लिए 35 वर्ष की कारागार की सजा सुनाई गई थी. अमेरिकी गवर्नमेंट ने बोला था कि हेडली को हिंदुस्तान में सार्वजनिक स्थानों पर बमबारी करने की षड्यंत्र का दोषी ठहराया गया था. हिंदुस्तान में लोगों की मर्डर करने और अपंग बनाने का षड्यंत्र, हिंदुस्तान में अमेरिकी नागरिकों की मर्डर में सहायता करने और उकसाने के छह आरोप भी शामिल हैं. इसके अतिरिक्त डेनमार्क में एक समाचार पत्र के कार्यालय पर बमबारी करने की षड्यंत्र का भी हिस्सा था. इससे इतर उसके मित्र तहव्वुर राणा ने पाक के हसन अब्दल कैडेट विद्यालय में पढ़ाई की, जिसमें हेडली ने भी पांच वर्ष तक पढ़ाई की. पाकिस्तानी सेना में एक चिकित्सक के रूप में काम करने के बाद राणा ने कनाडा का रुख किया और अंततः वहां की नागरिकता भी प्राप्त कर ली.
मुंबई पर 26/11 के हमले में तहव्वुर राणा की क्या किरदार थी?
राणा ने बाद में शिकागो यूएसए में फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नामक एक कंसल्टेंसी फर्म की स्थापना की. यह मुंबई में इस व्यवसाय की एक शाखा थी जिसने हेडली को पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के लिए संभावित लक्ष्यों की पहचान करने और उन पर नज़र रखने के लिए ठीक कवर प्रदान किया था. 26/11 के हमलों में 26 नवंबर, 2008 को, लश्कर के 10 आतंकी राष्ट्र की वित्तीय राजधानी में घुस आए और लगातार तीन दिनों तक, मुंबई शहर आतंक की चपेट में रहा. ताज होटल और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थलों पर हमला किया गया. हिंसा ने विदेशियों सहित 166 लोगों की जान ले ली. बाद में पता चला कि हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी नागरिक नावों के जरिए हिंदुस्तान पहुंचे थे.