यूक्रेन ने रूस पर बांध और एक पनबिजली ऊर्जा केंद्र को विस्फोट से उड़ाने का आरोप लगाया है जबकि रूसी ऑफिसरों ने यूक्रेन पर हमले करने का आरोप लगाया है. इस बांध के ढहने के व्यापक नतीजे हो सकते हैं.
दक्षिण यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले एक प्रमुख बांध की दीवार मंगलवार को एक विस्फोट के बाद ढह गयी जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा और गंभीर पारिस्थितिकी हानि की चेतावनी देनी पड़ी.
दोनों पक्षों के ऑफिसरों ने नदी के निचले इलाकों में रह रहे हजारों निवासियों को स्थान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की का बोलना है कि रूस समर्थित बल नोवा कखोवका बांध के ढहने के बाद निवासियों को निकालने के अपने प्रयासों में विफल हो रहे हैं. उनका बोलना है कि पीने के पानी और पुनर्वास के प्रावधान को अहमियत दी जानी चाहिए. मंगलवार तड़के बांध के नष्ट हो जाने के बाद से लगभग 42,000 लोगों को रूसी और यूक्रेनी-नियंत्रित क्षेत्रों में नीप्रो के साथ बाढ़ का खतरा है. घटना को लेकर दोनों पक्षों ने आपस में बहस की है.
यूक्रेन ने रूस पर बांध और एक पनबिजली ऊर्जा केंद्र को विस्फोट से उड़ाने का आरोप लगाया है जबकि रूसी ऑफिसरों ने यूक्रेन पर हमले करने का आरोप लगाया है.
इस बांध के ढहने के व्यापक नतीजे हो सकते हैं. इससे निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और घरों, गलियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी भर सकता है, यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र बंद हो सकता है और क्रीमिया के दक्षिण में पेयजल आपूर्ति कम हो सकती है जिस पर रूस ने गैर कानूनी रूप से अतिक्रमण कर रखा है.
अभी यह साफ नहीं है कि बांध के टूटने से किस पक्ष को लाभ होगा क्योंकि रूस तथा यूक्रेन दोनों के कब्जे वाले इलाकों में बाढ़ आने का खतरा है.
बांध के टूटने से दक्षिण में यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई पर असर पड़ सकता है जबकि रूस क्रीमिया में जल आपूर्ति के लिए इस बांध पर निर्भर करता है.
आक्रोश के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बोला कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तुरन्त एक बैठक बुलायी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी बलों ने देर रात दो बजकर 50 मिनट पर बांध में विस्फोट किया और बोला कि करीब 80 बस्तियां खतरे में हैं.
यूक्रेन के परमाणु ऑपरेटर एनर्गोएटम ने टेलीग्राम पर एक बयान में बोला कि बांध को विस्फोट से उड़ाने के जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए ‘‘नकारात्मक नतीजे हो सकते हैं’’ जो यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है. हालांकि, उन्होंने बोला कि स्थिति काबू में है.
संयुक्त देश की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ट्वीट किया कि उसके जानकार संयंत्र में स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और ‘‘अभी परमाणु सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है.’’
यूक्रेन के प्राधिकारियों ने पहले आगाह किया कि बांध के टूटने से 4.8 अरब गैलन पानी बह सकता है और खेरसॉन तथा दर्जनों अन्य इलाकों में बाढ़ आ सकती है जहां हजारों लोग रहते हैं.
यूक्रेन के एक गैरसरकारी संगठन ने अनुमान जताया कि करीब 100 गांवों और शहरों में बाढ़ आएगी. उसने यह भी संभावना व्यक्त किया कि पानी के स्तर में पांच से सात दिन बाद ही कमी आनी प्रारम्भ होगी.
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के वरिष्ठ सलाहकार मायखेलो पोदोल्याक ने कहा, ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय पारिस्थितिकी आपदा पैदा हो रही है तथा अगले कुछ घंटों में हजारों जानवर और पारिस्थितिकी नष्ट हो जाएगी.’’
यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि काखोव्का बांध विस्फोट से उड़ा दिया गया है. मंत्रालय ने नदी के दाहिने किनारे पर 10 गांवों और खेरसॉन शहर के कुछ हिस्सों के निवासियों को घरेलू उपकरण बंद कर अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की तथा भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने को बोला है.
इस बीच, नोवा काखोव्का में रूस द्वारा नियुक्त मेयर व्लादिमीर लियोनत्येव ने बोला कि यूक्रेन के हमले ‘‘बहुत गंभीर आतंकी कृत्य’’ हैं.
यूक्रेन के पास नाइपर नदी पर बने छह में से पांच बांध का नियंत्रण है. यह नदी बेलारूस के साथ उसकी उत्तरी सीमा से लेकर काला सागर तक बहती है और राष्ट्र में पेयजल और बिजली आपूर्ति के लिए काफी अहम है.
काखोव्का बांध का नियंत्रण रूसी बलों के हाथ में है.
खेरसॉन क्षेत्रीय सेना प्रशासन के प्रमुख ओलेकसांद्र प्रोकुदिन ने सुबह सात बजे के आसपास टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘रूसी सेना ने आतंकवाद के एक और कृत्य को अंजाम दिया है.’’ उन्होंने आगाह किया कि बांध को विस्फोट से उड़ा दिया गया है जिसकी वजह से पांच घंटे के भीतर पानी घातक स्तर तक पहुंच जाएगा.
यूक्रेन की सरकारी पनबिजली कंपनी ने एक बयान में बोला कि काखोव्का बांध पूरी तरह तबाह हो गया है. उसने बोला , ‘‘पनबिजली ऊर्जा केंद्र की मरम्मत नहीं की जा सकती.’’
कंपनी ने यह भी दावा किया कि रूस ने इंजन कक्ष के भीतर से केंद्र में भी विस्फोट किया है.
मेयर लियोनत्येव ने मंगलवार को बोला कि काखोव्का पनबिजली संयंत्र पर किए गए कई हमलों में उसके वॉल्व नष्ट हो गए और ‘‘काखोव्का जलाशय से पानी अनियंत्रित ढंग से निचले इलाकों की ओर बहने लगा है.’’
उन्होंने बोला कि संयंत्र को काफी हानि पहुंचा है तथा इसका फिर से निर्माण कराना होगा.
यूक्रेन और रूस पहले भी एक-दूसरे पर बांध को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं और पिछले वर्ष अक्टूबर में जेलेंस्की ने संभावना जतायी थी कि रूस बाढ़ लाने के लिए बांध को निशाना बनाएगा.