न्यूयॉर्क: चुनाव जीतने के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मुसलमान राष्ट्रों पर बड़े पैमाने पर निर्वासन अभियान चलाने पर प्रतिबंध लगाने और सभी वस्तुओं के आयात पर सीमा शुल्क (आयात कर) में 10% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। । उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार प्रारम्भ कर दिया है। लेकिन उनका अधिकतर समय अपने विरुद्ध लंबित मामलों में विभिन्न अदालतों में मौजूद होने में व्यतीत होता है। हालाँकि, यह भी बोला जाता है कि अधिकतर अमेरिकी अब मानते हैं कि ट्रम्प को चलने से रोकने के लिए आरोपों का आविष्कार किया गया है। इसके विरुद्ध ट्रंप की लड़ाई ने उनकी प्रतिष्ठा को ही बढ़ाया है। दूसरी ओर आरोपों को गढ़ने और पेश करने वाले जो बाइडेन की साख गिरती जा रही है।
अपने चुनाव अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित वस्तुओं पर 10 फीसदी का अतिरिक्त आयात कर लगाने को बोला था। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। ये सभी वस्तुएं चीन से आयात की जाती हैं। तो ये तो साफ है कि ट्रंप का निशाना केवल चीन पर है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्र में चीनी कंपनियों द्वारा ‘टेक-ओवर-बोली’ को पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा की है।