ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने अपनी काबिलियत का सबसे बड़ा लोहा मनवाते हुए महंगाई को घुटनों पर ला दिया है। जबकि इससे पहले ब्रिटेन की बेलगाम महंगाई और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के चलते ही पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन और लिज ट्रस को अपने पद से त्याग-पत्र देना पड़ा था। इसके बाद भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने मोर्चा संभाला था। पीएम ऋषि सुनक के सामने ब्रिटेन की महंगाई को काबू में लाने और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती थी। सुनक ने दोनों ही चुनौतियों से पार पाते हुए महंगाई को काबू में ला दिया है।
अब ब्रिटेन में ईंधन एवं खाद्य कीमतों में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर के महीने में घटकर 3.9 फीसदी पर आ गई, जो पिछले दो वर्ष से भी अधिक का सबसे निचला स्तर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बुधवार को मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करते हुए बोला कि पिछले महीन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 3.9 फीसदी रही। यह सितंबर, 2021 के बाद खुदरा मुद्रास्फीति का सबसे निचला स्तर है। अक्टूबर के महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 4.6 फीसदी रही थी। इस तरह नवंबर में मुद्रास्फीति में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई।