दंपत्ति ने 10 वर्ष से भी अधिक समय से अपने बेटे को नहीं देखा था। जब तक उससे टेलीफोन पर वार्ता होती रही, उन्होंने बार-बार उसे घर लौटने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। सामाजिक कार्यकर्ता अशरफ थमरासेरी के मुताबिक, सगाई टूटने के बाद बेटे को उसके गृहनगर में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उन्होंने ‘द खलीज टाइम्स’ को कहा कि उसके बाद वह कभी घर नहीं लौटा। कई महीनों तक अपने बेटे से संपर्क टूटने के बाद परेशान माता-पिता ने उसकी तलाश के लिए UAE आने का निर्णय किया।
कई दरवाजे खटखटाने के बाद मिला बेटे का पता
रिपोर्ट के मुताबिक, वैसे दंपत्ति के पास काफी कम विवरण थे, इसलिए उन्होंने उसका पता ढूंढ़ने के लिए कई दरवाजे खटखटाए। कई दिनों तक प्रयास करने के बाद माता-पिता ने अपने बेटे का पता लगाया, लेकिन उन्हें मालूम चला कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। वहां से वे दोनों मुर्दाघर गए जहां उन्होंने अपने बेटे के मृतशरीर की पहचान की और स्वदेश वापसी के लिए महत्वपूर्ण औपचारिकताएं पूरी कीं। अशरफ ने कहा, ‘मैं माता-पिता के चेहरे का दु:ख कभी नहीं भूल सकता। मैंने इतने हृदयविदारक मुद्दे कम ही देखे हैं।’
पाकिस्तान में मिली थी हिंदुस्तान से UAE गए शख्स की लाश
विभिन्न आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात में 38 लाख से भी अधिक भारतीय प्रवासी रह रहे हैं, जो राष्ट्र की कुल जनसंख्या का 38 फीसदी से अधिक है। इस वर्ष जून में 35 वर्ष के भारतीय प्रवासी नीथू गांश की दुबई में घर पर नहाते समय बिजली का झटका लगने से मृत्यु हो गई। इस वर्ष की आरंभ में केरल का एक 48 वर्ष का शख्स UAE से लापता हो गया और पाकिस्तानी कारावास में मृत पाया गया। पाक गवर्नमेंट ने बाद में उसके मृतशरीर को अटारी सीमा पर भारतीय ऑफिसरों को सौंप दिया था। (IANS)