रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन 18 अप्रैल की तड़के यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र पहुंचे और वहां लड़ रहे रूसी सैनिकों के मुख्यालय का दौरा किया. यूक्रेन में रूसी कब्जे वाले इलाकों में मार्च महीने से पूतिन का यह दूसरा दौरा है. मार्च में पूतिन यूक्रेन के मारियुपोल पहुंचे थे.
भले ही यूक्रेन से जंग के दौरान रूस बाकी दुनिया से अलग-थलग पड़ गया हो. उस पर पश्चिमी राष्ट्रों ने अनेक तरह के प्रतिबंध लगा रखे हो. लेकिन आज भी रूस नाटो राष्ट्रों की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहा है. यूक्रेन जंग के चलते हैं रोज अनेक तरह के प्रतिबंध झेल रहा है. उसकी इकनोमिक तबाह हो रही है. वही यूक्रेन के साथ अमेरिका समेत कई यूरोपीय राष्ट्र खड़े हैं. यूक्रेन इस सैनिक कई राष्ट्रों के साथ सेना अभ्यास के जरिए युद्ध के कौशल बढ़ा रहे हैं. जबकि रूस के सैनिक युद्ध में व्यस्त हैं. लगातार जंग सैनिकों का मनोबल गिरा देती है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन को इस बात का अंदाजा है इसलिए वह समय-समय पर सैनिकों से मिलते रहते हैं. उनके साथ समय बिताते हैं ताकि उनका हौसला अफजाई होता रहे.
खेरसोन पहुंचे पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन 18 अप्रैल की तड़के यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र पहुंचे और वहां लड़ रहे रूसी सैनिकों के मुख्यालय का दौरा किया. यूक्रेन में रूसी कब्जे वाले इलाकों में मार्च महीने से पूतिन का यह दूसरा दौरा है. मार्च में पूतिन यूक्रेन के मारियुपोल पहुंचे थे. किए हैं. ऐसा लगता है कि अचानक ही यह दौरा हुआ, क्योंकि उनके साथ न तो रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू थे और न ही चीफ ऑफ स्टाफ वालेरी गेरासिमोव साथ थे. खेरसॉन में रूसी क सेना के हेडक्वॉर्टर्स में पुतिन ने मिलिट्री कमांडरों से जंग पर चर्चा की.
प्रशांत महासागर में सेना अभ्यास
इसी कड़ी में रूस ने 17 अप्रैल को प्रशांत महासागर में सेना अभ्यास प्रारम्भ कर दिया है. इसमें रूसी नौसेना की पेसिफिक फ्लिड शामिल है. इसका मकसद रूसी नौसेना को पश्चिमी राष्ट्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है साथ ही जंग के दौरान हर हालात में हमले की ट्रेनिंग देना है. हालांकि पिछले वर्ष के वोस्टोक युद्ध अभ्यास की तरह इसमें किसी दूसरे राष्ट्र की सेनाएं शामिल नहीं है. इसमें रूसी नौसेना की 167 युद्धपोत, 12 पनडुब्बियां, 89 फाइटर जेट और 25 हजार नौसैनिक शामिल होंगे.