अगस्त में रूस ने ऑयल पर छूट घटाकर 4 $ प्रति बैरल कर दी थी, जिसके बाद हिंदुस्तान ने रूस से ऑयल खरीदना कम कर दिया था। जब हिंदुस्तान ने रूस से ऑयल खरीदना प्रारम्भ किया तो उसे करीब 13 $ प्रति बैरल की छूट मिल रही थी। भारत की ओर से मांग में गिरावट का तुरन्त असर रूसी ऑयल पर पड़ रहा है क्योंकि रूस को अब यह ऑयल सात $ की छूट पर बेचना पड़ रहा है। ये रूस के लिए एक बड़ा सबक है। क्योंकि पिछले दिनों रूस ने हिंदुस्तान के साथ रुपये-रूबल में ऑयल का व्यापार करने से इनकार कर दिया था।
बता दें कि रूस ने ऑयल उत्पादन में कटौती और मूल्य में बढ़ोतरी कर ऑयल उत्पादक राष्ट्रों के समूह ओपेक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। हालांकि, इससे भारतीय आयातकों की मांग कमजोर हुई है। भारत के अतिरिक्त चीन से भी यूराल क्रूड की मांग घट गई है। दो प्रमुख आयातकों की ओर से मांग कम होने के कारण यूराल कच्चे ऑयल की कीमतों में तेजी से गिरावट प्रारम्भ हो गई है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यूराल क्रूड की मूल्य 60 $ प्रति बैरल पर स्थिर हो सकती है।
उधर, सिंगापुर में भारतीय मूल के बालाकृष्णन गोविंदस्वामी पर 15 लाख $ की घूस लेने का इल्जाम लगा है। गोविंदास्वामी एक इंजीनियरिंग कंपनी की व्यावसायिक शाखा में एक कार्यकारी हैं। उन्होंने अपनी कंपनी के लिए 9 भिन्न-भिन्न कंपनियों के ठेकेदारों से घूस ली। सिंगापुर की करप्शन निरोधक एजेंसी करप्ट प्रैक्टिसेज इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने गोविंदास्वामी के विरुद्ध बुधवार को न्यायालय में इल्जाम पत्र पेश किया। गोविंद स्वामी पर 75 हजार $ का जुर्माना और 5 वर्ष की कारावास हो सकती है।