ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने मंगलवार को बोला कि चीन ब्रिटेन के लिए खतरा है लेकिन जलवायु बदलाव और यूक्रेन में युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर बीजिंग के साथ वार्ता करना भी ठीक है. उन्होंने इंडोनेशिया के बाली में हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन से इतर एक न्यूज चैनल से कहा, “मैं बहुत साफ हूं कि चीन हमारे मूल्यों और हमारे हितों दोनों के लिए एक प्रणालीगत चुनौती पेश करता है और यह हमारी आर्थिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरे का अगुवाई करता है और इसलिए यह ठीक है कि हम अपनी रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं.”
सुनक ने यह भी बोला कि उन्हें आशा है कि इंडोनेशिया में शिखर सम्मेलन के दौरान वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिल सकते हैं. उन्होंने कहा, “अगर हम सार्वजनिक स्वास्थ्य, रूस और यूक्रेन जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का निवारण करना चाहते हैं, अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को ठीक करना चाहते हैं, या वास्तव में जलवायु बदलाव का हल करना चाहते हैं, तो उन चुनौतियों को हल करने के लिए वार्ता करना और चीन के साथ जुड़ना जरूरी है.”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां जी20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ अनौपचारिक वार्ता की और कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. मोदी ने वार्षिक जी20 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को यहां संबोधित करते हुए बोला कि जलवायु परिवर्तन, Covid-19 अंतरराष्ट्रीय महामारी और यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों ने दुनिया में तबाही मचा दी है और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला ‘‘चरमरा’’ गई है. हिंदुस्तान की जी20 की आनें वाले अध्यक्षता के संदर्भ में मोदी ने बोला कि उन्हें विश्वास है कि जब ‘‘(गौतम) बुद्ध और (महात्मा) गांधी की धरती पर जी-20 की बैठक होगी, तो हम सभी एकसाथ विश्व को शांति का ठोस संदेश देंगे.’’ पीएम कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान वार्ता की.’’